धार भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। गुरुवार को मुस्लिम पक्ष ने विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर दी है। हाईकोर्ट ने करीब 6 दिन पहले अपने आदेश में धार स्थित भोजशाला परिसर को वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर से जुड़ा प्राचीन धार्मिक स्थल माना था।
वहीं आज जुम्मे के दिन भोजशाला क्षेत्र में खासी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर है। एसपी ने कहा है कि जो भी माहौल खराब करते दिखागए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मुस्लिम समाज नमाज की बात कर रहा है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि भोजशाला परिसर ऐतिहासिक रूप से देवी सरस्वती से जुड़ा मंदिर है। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (अरक) की रिपोर्ट, ऐतिहासिक साक्ष्य और अयोध्या मामले के कानूनी सिद्धांतों को आधार माना।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार और अरक को इस स्थल के प्रबंधन और संरक्षण पर निर्णय लेना चाहिए। साथ ही अरक का 2003 का वह आदेश रद्द कर दिया गया था, जिसमें पूजा और नमाज को लेकर पूर्व व्यवस्था तय की गई थी।