भोपाल. राजधानी भोपाल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मिलने का सिलसिला लगातार बना हुआ है। बुधवार को शहर में 37 नए केस सामने आए। इन मरीजों में जिले के कलेक्टर अविनाश लवानिया भी शामिल हैं। वे फिलहाल होम क्वारेंटाइन में हैं। बताया जा रहा है कि चुनावों के चलते लगातार लोगों के संपर्क में रहने से वे कोरोना से संक्रमित हो गए। उनके संक्रमित होने के बाद कलेक्टोरेट में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कोरोना टेस्ट कराने की सलाह दी गई है। बुधवार को कोरोना से पीडि़त एक मरीज की मौत भी हो गई। यह मरीज निजी अस्पताल में भर्ती था।

कोरोना की तेज रफ्तार का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीते सात दिन में शहर में इसके 250 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। हर दिन करीब 30 पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं। इन हालातों में सावधानी नहीं बरती गई तो एक बार फिर हालात बिगड़ सकते हैं।

जानकारों का कहना है कि मरीज बढ़ रहे हैं लेकिन लापरवाही जारी है. राजधानी में कोरोना के मरीज भले ही लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने मास्क लगाना बिल्कुल बंद कर दिया है। सोशल डिस्टेंसिंग तो बहुत दूर की चीज हो गई है। इससे संक्रमण और बढ़ सकता है। राहत की बात यह है कि लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ रही है। वे घर पर ही इलाज से ठीक हो जा रहे हैं।