यह सिखाया जाएगा..
प्रदेश में व्यापक पैमाने पर सड़कों, पुल-पुलियाओं, ओवर ब्रिज, फ्लाईओवर, भवनों, सीवरेज लाइन, पेयजल और कच्चे पानी की लाइनें, नहरें, बिजली की लाइनों, रेलवे लाइनों, बांधों, जलाशयों, नलजल योजना सहित कई तरह के अधोसंरचना से जुड़े काम किए जा रहे है। इन सभी कामों के लिए बाजार में बेहतर गुणवत्ता की सामग्री किस लागत पर उपलब्ध है।
किस काम में मजदूरी पर कितना खर्च आएगा। किस काम को कराने के लिए कितनी लागत आएगी। कामों के बेहतर प्रबंधन, समय पर काम कैसे हो। किस काम में कितना अमला लगेगा इसका कैसे प्रबंधन और उपयोग किया जाए तथा कैसे यह सारा काम कराते हुए प्रदेश में अधोसंरचना से जुड़े कामों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए यह सब इन युवा इंजीनियरों को सिखाया जाएगा।
भोपाल:
प्रदेश में अब राज्य सरकार प्रशिक्षित ठेकेदार तैयार करेगी। युवा इंजीनियर योजना के तहत जिन युवाओं को ठेकेदार बनना है, उनको प्रोत्साहन देने के लिए भी सरकार योजना बना रही है। इसके लिए राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्राध्यापकों और विषय विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी। इन कॉलेजों के प्राध्यापकों और कुशल इंजीनियरों तथा विशेषज्ञों की मदद से राज्य सरकार बेरोजगार इंजीनियरों को कुशल ठेकेदार बनाएगी।
लोक निर्माण विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग आपस में समन्वय कर इस प्रशिक्षण योजना को अंतिम रूप देंगे। प्रशिक्षण के इच्छुक युवा इंजीनियरों को प्रशिक्षण के लिए पहले पंजीयन कराना होगा। फिर उपलब्ध स्थानों के अनुसार युवाओं को चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।