मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल मरीजों को इलाज के लिए नई तकनीकें उपलब्ध कराने के मामले में अब पीछे नहीं है। भोपाल में भी मरीजों के इलाज के लिए नई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जाने लगी है, जिसके बाद प्रदेश के लोगों को इलाज के लिए कहीं और जाने की ज़रुरत नहीं है।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर राजीव गुप्ता जी और डॉक्टर लवली कौशल ने हाल ही में टीबी के इलाज के लिए नवीन तकनीक का इस्तेमाल किया जिसमें मरीज की जांघ  की रक्त नलिकाओं के माध्यम से केथेटर डालकर रक्त को शुद्ध किया गया।

इलाज का इस नवीन तकनीक को अपनाकर इलाज को सरल और सुगम बनाने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी हमीदिया हॉस्पिटल के डॉक्टरों की प्रशंसा की और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।

राजधानी के हमीदिया अस्पताल में अत्याधुनिक तकनीक से रक्तस्राव रोकने के बाद महज 15 मिनट में एक मरीज ठीक हो गया। यह पहली बार था जब किसी मरीज की आर्टरी के माध्यम से लंग्स आर्टरी का इलाज किया गया। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार भोपाल के जावेद खान करीब 20 दिन से थूक में खून आने की बीमारी से पीड़ित थे।

मरीज ने क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान में भी इलाज करवाया बावजूद इसके समस्या दूर नहीं हुई। यहां जांच के बाद पता चला कि मरीज के फेफड़ों में इंफेक्शन के कारण धमनी में कैविटी हो गई है। इसी कैविटी की वजह से आर्टरी में छेद हो गया था। जिससे मरीज के फेफड़ों में खून जमा होने लगा। ऐसे में जब उन्हें खांसी हुई तो उनके मुंह से खून आ रहा था।

आपको बता दें कि जब जावेद की जांच की गई तो मरीज को कार्डियोलॉजी विभाग रेफर कर दिया गया। यहां जांच के बाद विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता व रेडियो डायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. लवली कौशल ने ब्रोन्कियल आर्टरी एंबोलाइजेशन तकनीक से मरीज का इलाज किया, कार्डियोलॉजी विभाग की कैथ लैब में मरीज का इलाज किया गया।

जानकारी साझा करते हुए डॉ. लवली कौशल ने बताया कि यह प्रक्रिया इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के तहत की जाती है। इस प्रक्रिया में रक्त प्रवाह को रोकने के लिए धमनी में एक तरल या पाउडर इंजेक्ट किया जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए रोगी की आर्टरी में एक छोटा सा चीरा लगाया जाता है, एक कैथेटर डाला जाता है और पल्मोनरी आर्टरी में लाया जाता है, और फिर प्रभावित क्षेत्र में कैथेटर के माध्यम से तरल पदार्थ इंजेक्ट करके रक्तस्राव को रोका जाता है। उन्होंने बताया कि जावेद के मामले में हमने यही किया और उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में लगभग 15 मिनट का समय लगा और पूरी प्रक्रिया बिना मरीज को बेहोश किए की गई।

 


सीएम शिवराज ने कहा, “भोपाल के हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर राजीव गुप्ता जी और डॉक्टर लवली कौशल जी और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं, जिन्होंने टीबी के मरीजों के इलाज के लिए नई तकनीक का उपयोग करते हुए खून की नली को ठीक किया।”