
यह फोटो है सैर सपाटा की जो बता रही है कि कैसे नगर निगम ने दो पेड़ काट दिए हैं| एक सामाजिक कार्यकर्ता ने जब नगर निगम कर्मचारियों से इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि अपर आयुक्त के कहने पर यह किया जा रहा है|
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सैर सपाटा रोड़ पर किनारे से लगे पेड़ काटे गए जिससे से एक किनारे की सड़क पर लगा था
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नगर निगम के कर्मचारियों ने सैर सपाटा रोड से लगे हुए 2 पेड़ काट दिये| पूछा गया क्यों काटे तो उनका कहना था अपर आयुक्त श्री पवन सिंह जी के आदेश से काटे गए|

सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप खंडेलवाल के अनुसार नगर निगम गार्डन अधिकारी का कहना है सूखे पेड़ से काटे जा सकते हैं लेकिन सूखे पेड़ के संबंध में जो नियम बने हुए हैं। ऐसे पेड़ जिनसे घटना दुर्घटना की संभावना हो उन्हें काटना आवश्यक है। लेकिन जिन पेड़ों को काटे गए वह मजबूत पेड़ थे। हो सकता है गर्मी के कारण सूख गये लेकिन बरसात में फिर हरे-भरे होने की संभावना थी। ऐसी स्थिति में पेड़ों की कटाई अवैध रूप से स्वयं नगर निगम कर रहा है। वह भी कर्मचारियों के अनुसार पवन सिंह अपर आयुक्त के द्वारा निर्देशित करने पर जबकि शासन के द्वारा ट्री ऑफिसर के अधिकार सिर्फ और सिर्फ आयुक्त नगर निगम को है। आयुक्त के द्वारा अपने पावर डेलीगेट करने की पावर,वही पावर डेलीगेट किए जा सकते हैं जो नगर निगम क्षेत्र के हो। लेकिन जो पावर शासन के द्वारा नगर निगम कमिश्नर को दिए गए हैं। उन्हें डेलीगेट नहीं किया जा सकता। नगर निगम नियमावली कि किसी भी धारा में इस तरह के पावर डेलीगेट किए जाने का प्रावधान नहीं है काटे गए पेड़ ग्रीन बेल्ट में एवं जोन ऑफ इनफ्लुएंस एरिया में हैं।