देश में महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों के जवाब में कांग्रेस 31 मार्च से 7 अप्रैल के बीच तीन चरणों में 'महंगाई मुक्त भारत' अभियान शुरू करेगी। कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी के निर्देश पर निर्णय लिया है कि तीन चरणों में 'महंगाई मुक्त भारत' अभियान चलाएंगे। जिसमें पहला चरण 31 मार्च, दूसरा चरण 2 अप्रैल से 4 अप्रैल के बीच धरना और मार्च जिला स्तरीय पर होगा, साथ ही तीसरा चरण 7 अप्रैल को प्रांतीय मुख्यालय पर होगा।

यह जानकारी कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने लोगों को महत्व दिए बिना अपना खजाना भरने का धंधा शुरू कर दिया है।

सुरजेवाला ने कहा कि, कांग्रेस सरकार ₹1.50 लाख करोड़ आपके पेट्रोल-डीज़ल-गैस की सब्सिडी का देती थी, आज वो मात्र ₹11,000 करोड़ रह गया है। यही हाल PNG और CNG का भी है। मई 2014 में PNG का रेट ₹25.50 प्रति एससीएम था, आज वो रेट ₹36.61 प्रति एससीएम है। मार्च 2014 में CNG ₹35 प्रति किलो थी, आज वो रेट ₹67 से लेकर ₹80 प्रति किलो तक हो गया है।

राहुल गांधी ने भी ईंधन की बढ़ती कीमतों पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, राजा करे महल की तैयारी, प्रजा बेचारी महंगाई की मारी..! कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के लिए तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को जिम्मेदार ठहरा रही हैं, जो पांच दिनों में इस तरह की चौथी वृद्धि है। नवंबर 2021 के बाद पहली बार 22 मार्च को ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी और तब से लगातार बढ़ रही है।

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों द्वारा जारी मूल्य अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत 97.81 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 98.61 रुपये और डीजल की कीमत 89.06 रुपये से 89.87 रुपये प्रति लीटर हो गई है। साढ़े चार महीने की बढ़ोतरी के बाद 22 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। तब से लेकर अब तक कीमत में तीन गुना 80-80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा चुकी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार गुना 3.20 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।