जन्माष्टमी के बेहद खास दिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में जल जीवन मिशन के तहत 'हर घर जल उत्सव' कार्यक्रम को संबोधित किया. पीएम ने इस कार्यक्रम की शुरुआत देश की जनता को जन्माष्टमी की शुभकामना के साथ की. पीएम ने कहा कि आज एक बहुत महत्वपूर्ण और पवित्र दिवस है। देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम है। दुनियाभर में फैले भगवान श्रीकृष्ण के सभी भक्तों को बहुत-बहुत बधाई।

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कार्यक्रम के बारे में बताते हुए पीएम मोदी बोले, अमृत काल में भारत जिन विशाल लक्ष्यों पर काम कर रहा है, उससे जुड़े 3 अहम पड़ाव हमने आज पार किए हैं।

1. आज देश के 10 करोड़ ग्रामीण परिवार पाइप द्वारा स्वच्छ जल की सुविधा से जुड़ चुके हैं। ये हर घर जल पहुंचाने की सरकार की बहुत बड़ी सफलता है। ये सबका प्रयास का बेहतरीन उदाहरण भी है। 

2. देश ने विशेषकर गोवा ने आज एक और उपलब्धि हासिल की है। आज गोवा देश का पहला राज्य बना है, जिसे हर घर जल सर्टिफाई किया गया है। दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीव भी, हर घर जल सर्टिफाइड केंद्र शासित राज्य बन गए हैं। 

3. देश की तीसरी उपलब्धि स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी है। कुछ साल पहले सभी देशवासियों के प्रयासों से, देश खुले में शौच से मुक्त घोषित हुआ था। इसके बाद हमने संकल्प लिया था कि गांवों को ODF प्लस बनाएंगे। इसको लेकर भी देश ने अहम माइलस्टोन हासिल किया है। अब देश के अलग-अलग राज्यों के एक लाख से ज्यादा गांव ODF प्लस हो चुके हैं।

आम आदमी की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए पीएम मोदी बोले, आज दुनिया की बड़ी-बड़ी संस्थाएं कह रही हैं कि 21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौती जल सुरक्षा की होगी। पानी का अभाव विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में भी अवरोध बन सकता है। इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए सेवाभाव, कर्तव्यभाव से 24 घंटे काम करने की जरूरत है। हमारी सरकार बीते 8 साल से इसी भावना के साथ जल सुरक्षा के लिए काम कर रही है। 

उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती, लेकिन देश बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होती है। हम सभी ने देश बनाने का रास्ता चुना है, इसलिए देश की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का लगातार समाधान कर रहे हैं। भारत में अब रामसर साइट्स यानि झीलों की संख्या भी बढ़कर 75 हो गई है। इनमें से भी 50 साइट्स पिछले 8 वर्षों में ही जोड़ी गई हैं। यानि जल सुरक्षा के लिए भारत चौतरफा प्रयास कर रहा है और इसके हर दिशा में नतीजे भी मिल रहे हैं।

पीएम मोदी ने अहम् जानकारी देते हुए कहा कि नई सरकार बनने के बाद हमने अलग जल शक्ति मंत्रालय बनाया। इस अभियान पर 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 100 साल की सबसे बड़ी महामारी की वजह से रुकावटें आईं, लेकिन इसके बावजूद इस अभियान की गति कम नहीं हुई। 7 दशकों में जितना काम हुआ था, उससे 2 गुने से ज्यादा काम देश ने 3 साल में करके दिखाया है।

जल जीवन मिशन की सफलता के चार मजबूत स्तंभ है:

1- लोगों की भागीदारी।
2- प्रत्येक हितधारक की भागीदारी।
3- राजनीतिक इच्छाशक्ति।
4- संसाधनों का इष्टतम उपयोग।