लंबे समय से कांग्रेस से खफा रहे गुलाम नबी आजाद ने आखिरकार आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा उन्होंने कुछ दिन पहले ही प्रचार समिति से भी इस्तीफा दे दिया था।
Ghulam Nabi Azad quits Congress
— ANI Digital (@ani_digital) August 26, 2022
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गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिये उन्होंने राहुल गांधी पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि भारत के एकजुट होने से पहले कांग्रेस को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कुल 5 पेज का लेटर लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की। जानकारी के अनुसार, वह पहले ही पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
Congress leader Ghulam Nabi Azad severs all ties with Congress Party pic.twitter.com/RuVvRqGSj5
— ANI (@ANI) August 26, 2022
"It is therefore with great regret and an extremely leaden heart that I have decided to sever my half a century old assocation with Indian National Congress," read Ghulam Nabi Azad's resignation letter to Congress interim president Sonia Gandhi pic.twitter.com/X49Epvo1TP
— ANI (@ANI) August 26, 2022
असंतुष्ट नेताओं के G-23 समूह में भी थे शामिल-
गुलाम नबी आजाद लंबे समय से कांग्रेस से नाराज थे। वह असंतुष्ट कांग्रेस नेताओं के G-23 समूह में भी शामिल थे। G-23 समूह लगातार कांग्रेस में कई बदलाव की मांग करता रहा है। इससे पहले कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। सपा ने उन्हें राज्यसभा भी भेजा है। गुलाम नबी आजाद की नाराजगी तब सामने आई जब उन्हें प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के कुछ घंटे बाद ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में उनके बारे में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष बनने के बाद दिया इस्तीफा-
सोनिया गांधी चाहती थीं कि कांग्रेस आजाद के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव लड़े। इसलिए उन्हें चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन गुलाम नबी ने पद मिलने के कुछ घंटे बाद ही इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में उनके बारे में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। गुलाम नबी आजाद और कांग्रेस के बीच कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं। गुलाम नबी आजाद भी G23 में शामिल थे जो पार्टी में बड़े बदलाव की वकालत कर रहा है।