पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इमरान खान को तोशाखाना मामले में भ्रष्ट आचरण करने का दोषी पाया है. चुनाव आयोग ने 21 अक्टूबर को बताया कि इमरान खान अब संसद के सदस्य नहीं हैं. 

तोशाखाना मामले में चुनाव आयोग ने इमरान खान की संसद की सदस्यता रद्द कर दी है. दरअसल, सत्तारुढ़ गठबंधन सरकार के सांसदों ने इमरान खान के खिलाफ अगस्त में चुनाव आयोग के समक्ष मामला दर्ज कराया था. कहा जा रहा है कि इमरान खान पर गलत जवाब दाखिल करने का भी आरोप लगाया गया हैं.

पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा की अध्यक्षता वाली 4 सदस्यीय पीठ ने यह फैसला सुनाया है. इस फैसले के बाद चुनाव आयोग कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

पाकिस्तान में सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि इमरान खान ने तोशखाना में रखे उपहार सस्ते में खरीदे और उन्हें ऊंचे दामों पर बेच दिए. इस मामले में चुनाव आयोग ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.

जब साल 2018 में इमरान खान पीएम बने थे. अरब देशों की अपनी यात्रा के दौरान, उन्हें वहां के शासकों से महंगे उपहार मिले थे. इमरान ने उन्हें तोशखाना में जमा कर दिए लेकिन बाद में इमरान ने उन्हें सस्ते दाम पर खरीद कर मुनाफे में बेच दिया. इस पूरी प्रक्रिया को उनकी सरकार ने कानूनी अनुमति दी थी.

इमरान खान पर आरोप हैं कि उन्होंने तोशाखाना की तोहफे में दी गई कई घड़ियां एक घड़ी डीलर को 15.4 करोड़ रुपये से ज्यादा में बेच दी. अगस्त में गठबंधन सरकार ने इमरान खान के खिलाफ तोशाखाना उपहारों और उनकी कथित बिक्री से प्राप्त आय के "विवरण साझा नहीं करने" के लिए याचिका दायर की थी.

जिसपर सुनवाई के दौरान ये फैसला सुनाया गया. फ़िलहाल पाकिस्तान में सियासी हंगामा बढ़ता जा रहा हैं. इमरान के समर्थक कई जगह विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं. उन्होंने फैसला आने के तुरंत बाद चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर फायरिंग कर दी.