कांग्रेस के तीन दिवसीय चिंतन शिविर का हुआ शुभारंभ। शिविर के पहले दिन सोनिया गांधी ने कांग्रेस नेताओं को संबोधित किया। इस बीच, उन्होंने कहा कि यह शिविर भाजपा-आरएसएस की नीतियों के कारण देश के सामने उत्पन हुई चुनौतियों पर विचार करने का एक अच्छा अवसर है।

नव संकल्प शिविर लाइव-

 

कांग्रेस ने आज से राजस्थान के उदयपुर में तीन दिवसीय नव संकल्प शिविर की शुरुआत की है। जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत देशभर से करीब 400 वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया। शिविर के पहले दिन सोनिया गांधी ने कांग्रेस नेताओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सोनिया गांधी ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार नफरत फैलाकर अल्पसंख्यकों का दमन कर रही है।

पार्टी ने बहुत कुछ दिया, लेकिन अब कर्ज चुकाने का समय- सोनिया गांधी

सोनिया गांधी ने कहा कि हम बड़े प्रयासों से ही बदलाव ला सकते है। हमें संगठन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपनी व्यक्तिगत अपेक्षाएं रखनी होंगी। पार्टी ने हमें अब तक बहुत कुछ दिया है, लेकिन अब पार्टी का कर्ज चुकाने का समय आ गया है। हमें एक बार फिर हिम्मत दिखाने की जरूरत है। हर संगठन को जीवित रहने के लिए बदलाव की जरूरत होती है। इसके लिए हमें अब तत्पर रहना होगा।

अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर सोनिया ने केंद्र पर साधा निशाना-

सोनिया गांधी ने कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है कि पीएम मोदी और उनके सहयोगियों का 'अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार' के नारे से क्या मतलब है। इसका अर्थ है देश को ध्रुवीकरण की स्थायी स्थिति में लाना, लोगों को लगातार भय और असुरक्षा की स्थिति में रहने के लिए मजबूर करना, अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना और उन पर अत्याचार करना ही बीजेपी का काम है। अल्पसंख्यक हमारे समाज और हमारे देश का अभिन्न अंग है, लेकिन बीजेपी इसे कमज़ोर करना चाहती है।

पार्टी में होंगे कई बदलाव-

कांग्रेस पार्टी में बदलाव को लेकर अजय माकन ने ऐलान किया कि, पार्टी जमीनी फीडबैक के लिए नया विभाग बनाएगी।इसके साथ ही एक परिवार-एक टिकट का नियम लागू होगा। पार्टी में कई पदों का कार्यकाल पांच साल तय होगा और पद पर वापसी के लिए नेताओं के लिए तीन साल के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड जैसे नियमों लाये जाएंगे।

सोनिया गांधी ने बेरोजगारी और मंहगाई के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा और कहा, नफरत के माहौल से अर्थव्यवस्था कमज़ोर होती है। बेरोजगारी का आलम यह है कि लोगों ने अब उम्मीद तक छोड़ दी है। मंहगाई आसमान पर है जिसकी मार करोड़ों लोग झेल रहे है। सोनिया गांधी के भाषण के बाद अगले दो दिनों तक उदयपुर के एक बड़े होटल में देश भर से आए कांग्रेस नेता कई मुद्दों पर मंथन करेंगे, जिनका ऐलान आखिरी दिन रविवार को किया जाएगा।