वाराणसी कोर्ट सोमवार को ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी विवाद मामले में बड़ा फैसला सुना सकता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन काफी अलर्ट है और कड़े सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं। पिछली सुनवाई पर बहस पूरी होने के बाद अदालत ने सुनवाई के लिए 12 सितंबर ने तिथि तय की थी। अदालत आज यह तय करेगी कि ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस चलने योग्य है या नहीं।
वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी विवाद से जुड़े मामले में हाईकोर्ट को मुख्य रूप से यह तय करना है कि 31 साल पहले 1991 में वाराणसी की जिला अदालत में दाखिल किए गए मुकदमे की सुनवाई हो सकती है या नहीं? अगर मामला सुनवाई योग्य माना गया, तो फिर श्रृंगार गौरी के पूजन की अनुमति और परिसर के स्वामित्व के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई होगी।
सुनवाई दोपहर 2 बजे से जस्टिस प्रकाश पाडिया की सिंगल बेंच में होगी। आज जो फैसला सुनाया जाना है वह ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन की मांग को लेकर वाराणसी के जिला जज ए के विश्वेश की अदालत में चल रहे मुकदमे की पोषणीयता (सुनवाई योग्य है या नहीं) पर होगा। यह भी तय माना जा रहा है कि जो भी फैसला आयेगा उसके खिलाफ कोई भी पक्ष शीर्ष अदालत का रुख जरुर करेगा।
हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव के दलील है कि ज्ञानवापी कहीं से मस्जिद नहीं बल्कि मंदिर का ही हिस्सा है इसलिए इस मामले में 1991 का उपासना स्थरल अधिनियम किसी भी तरह से लागू नहीं होता वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से वकील शमीम अहमद ने अदालत को बताया है कि ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ की संपत्ति है, इसलिए अदालत को इस मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है।
दूसरी और फैसले के मद्देनज़र सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट है। धारा-144 भी लागू कर दी गई है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च एवं फुट पेट्रोलिंग की जा रही है। होटल, धर्मशाला और गेस्ट हाउस में भी चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दे दिए गए हैं।