हिमाचल में चल रहे सियासी संकट के बीच कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी गई है। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कांग्रेस की याचिका पर गुरुवार को ये फैसला सुनाया है। स्पीकर ने दलबदल कानून के तहत ये फैसला सुनाया है और सभी को अयोग्य करार दिया।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि विधानसभा में बजट पारित करने के समय ये विधायक मौजूद नहीं थे। मैंने उनको अयोग्य घोषित कर दिया है। ये विधायक किसी और पार्टी से जीतते हैं और किसी और को वोट करते हैं।
स्पीकर ने आगे कहा कि सरकार को जनादेश मिला। जनता ने 5 साल के लिए सरकार चुनी और ये लोग आया राम, गया राम की पॉलिटिक्स कर रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। इन लोगों ने खुद एंटी डिफेक्शन लॉ को न्योता दिया।
जिन विधायकों की सदस्यता रद्द की गई है, उनमें धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा, कुटलैहड़ के विधायक देवेंद्र भुट्टो, गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा, लाहौल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर और बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल शामिल हैं।
इधर हिमाचल संकट को दूर करने के लिए कांग्रेस हाईकमान के ऑब्जर्वर हरियाणा के पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिव कुमार ने देर रात तक शिमला में विधायकों की नब्ज टटोली। वे आज अपनी रिपोर्ट हाईकमान को भेजेंगे। इसके आधार पर मुख्यमंत्री को लेकर कोई फैसला संभव है।