नई दिल्ली: ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर पंचायत एवम् निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है। इसलिए मध्य प्रदेश में भी पंचायत एवम् निकाय चुनाव बिना ओबीसी आरक्षण के कराए जाने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि, ट्रिपल टेस्ट को पूरा किए बिना स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। कोर्ट ने कहा, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट भी ट्रिपल टेस्ट पर आधारित नहीं है।
ओबीसी आरक्षण के साथ ही हों चुनाव- सीएम
कोर्ट के फ़ैसले पर सीएम शिवराज ने कहा, मध्य प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ हों इसके लिए हम सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पिटिशन दायर करेंगे एवं पुनः आग्रह करेंगे कि स्थानीय निकाय चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ ही हों।
कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर साधा निशाना-
कोर्ट के फ़ैसले के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा, ओबीसी वर्ग के मुख्यमंत्री की सरकार में ओबीसी वर्ग के साथ एक बार फिर धोखा हुआ। ओबीसी वर्ग के ग़लत आँकड़े पेश कर ओबीसी वर्ग की पीठ में छुरा घोपने वालों को यह वर्ग कभी माफ़ नही करेगा।