चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के MMS कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में ये बात सामने आई है, कि इस मामले में तीन गिरफ्तार लोगों के अलावा एक चौथा शख्स भी है जो युवती को ब्लैकमेल कर रहा था। हालांकि उसे अभी गिरफ्तार करना बाकी है, जिसको पकड़ने के लिए एक टीम को भेजा गया है।
शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया है कि वो आरोपी छात्र से वीडियो मंगवाते थे। मामले की मुख्य अभियुक्त वो छात्रा भी बार-बार यही कह रही है, कि उसने ये सब अपने बॉयफ्रेंड सन्नी के कहने पर किया है। इसके अलावा लड़की अपने बॉयफ्रेंड सन्नी को जो वीडियो भेजती थी, उन वीडियो को सन्नी एक डिवाइस में स्टोर करता था। सन्नी से वह डिवाइस रिक्वर कर ली गई है और उसको फोरेंसिक टीम को भेज दिया गया है।
वहीं एक दूसरे आरोपी का कहना है, कि वो लड़की पर इस बात के लिए दबाव बना रहे थे, कि वो दूसरी लड़कियों के वीडियो उन्हें भेजे नहीं तो वो उस लड़की के खुद के वीडियो वायरल कर देंगे। इस मामले में गिरफ्तार छात्रा और दो युवकों को कल अदालत में पेश किया गया था। जहां से तीनों को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
SIT टीम रिमांड के बाद से ही मामले की जांच में जुट गई है और कल शाम से ही तीनों आरोपियों से पूछताछ चल रही है। कल SIT की टीम, इस मामले से जुड़े एक कैम्पस में भी गई थी। मामले के तार मुंबई और गुजरात से भी जुड़े हुए मिल रहे हैं।
वहीं मामले का कनाडा कनेक्शन भी सामने आया है, कई लड़कियों को कनाडा सा भी फोन आने की शिकायत मिली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरोपों की जांच के लिए सोमवार को तीन सदस्यीय एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जिसकी सभी सदस्य महिला हैं। पुलिस आगे भी जांच और तीनों से पूछताछ कर रही है। तीनों के फोन को फोरेंसिक लैब में भेजा गया है। इन फोनों की जांच से ही ये पता लग पाएगा, कि कितने वीडियोज़ बने थे कितने डिलीट हो गए।
आरोपियों के बकील ने भी कल ये खुद माना था, कि आरोपी छात्रा के मोबाइल से उसके खुद के वीडियो के अलावा भी एक दूसरी छात्रा का वीडियो मिला था। लेकिन ये वीडियो किस छात्रा का है उसकी पहचान नहीं हो पाई है। मामले में जांच अभी जारी है। कहा जा रहा है, कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है। जिसमें 6 छात्राओं ने इस एक छात्रा को वीडियो बनाते पकड़ा था। इस वीडियो में ये आरोपी छात्रा ये कबूल कर रही है, कि उसने वीडियो बनाए थे और ये वीडियो बनाने के लिए उस पर दबाव था। हलांकि छात्रा का कहना है, कि बाद में उसने ये वीडियो डिलीट कर दिए थे।
यानि कि पुलिस की शुरुआती जांच में ये साबित हो गया है, कि जो पहले कहा जा रहा था, कि लड़कियों के वीडियो बनाने की बात महज एक अफवाह है, अब ये ग़लत साबित होता जा रहा है। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि गिरफ्तार छात्रा ने अपने 23 वर्षीय “प्रेमी” के साथ केवल अपना एक वीडियो साझा किया तथा किसी अन्य छात्रा का कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला है।