महाराष्ट्र की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच सबसे बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, सीएम उद्धव ठाकरे ने हाल ही में वर्चुअल कैबिनेट बैठक कर शाम 5 बजे अपने निवास वर्षा पर विधायक दल की बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, इस कैबिनेट बैठक में शिवसेना के करीब 7 से 8 मंत्री शामिल नहीं हुए।
Maharashtra | Cabinet ministers & senior leaders of the MVA govt come out after attending the Cabinet meeting in Mantralaya, Mumbai
— ANI (@ANI) June 22, 2022
Only the Cabinet agenda was discussed, and no discussion on the present political situation took place: State Cabinet minister Aslam Shaikh pic.twitter.com/r7gNsGuKLH
वहीं शिवसेना के दिग्गज नेता संजय राउत ने मीडिया से बात की और बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाये। राउत बोले, महाराष्ट्र विधानसभा भंग करने की कगार पर है। भाजपा के समर्थन के बिना ये बगावत संभव नहीं है। जब राउत से पूछा गया कि अगर विधायकों को दूसरे राज्यों में ले जाया गया तो क्या होगा? तो उन्होंने जवाब दिया कि एक इतिहास है कि इस स्थिति में विधायिका टूट सकती है।
I'm going to Varsha Bungalow. I'll meet CM but whatever has to be done will be decided by Maha Vikas Aghadi together. Unless the MLAs are back in Mumbai, no decision will be made: Shiv Sena leader Sanjay Raut when asked about speculations that Uddhav Thackeray will resign as CM pic.twitter.com/NZ7kiMguMJ
— ANI (@ANI) June 22, 2022
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्तिथि में ज्यादा से ज्यादा क्या होगा? सरकार गिर जाएगी, लेकिन हम हमारे सिद्धान्तों पर टिके रहेंगे। राउत बोले, नितिन देशमुख ने खुद कहा कि मुझे मारने की साजिश रची गई। यह शिवसेना के लिए अग्निपरीक्षा की शुरुआत है। इस्तीफ़े के जवाब पर फ़िलहाल राउत ने चुप्पी साधे रखीं।
जानकारी के मुताबिक, पार्टी ने बागी विधायकों को चेतावनी दी है। पार्टी ने पत्र के जरिए विधायकों से कहा कि अगर आप 5 बजे होने वाली बैठक में शामिल नहीं होते है तो ये मान लिया जाएगा कि आप पार्टी छोड़ना चाहते हैं और आपकी सदस्यता को रद्द कर दिया जाएगा।
एकनाथ शिंदे बना सकते है अपना अलग गुट-
महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच अब एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे अपने दल को असली शिवसैनिक बता रहे हैं। माना जा रहा है कि एकनाथ राज्यपाल को पत्र सौंपेंगे। पत्र पर सभी समर्थक विधायकों के हस्ताक्षर होंगे।
वहीं सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी एकनाथ शिंदे की मदद से अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ सकती है, नहीं तो उन्हें अपना विश्वास मत साबित करने के लिए कहा जाएगा। भाजपा का दावा है कि अगर विश्वास मत साबित करने की बात आती है तो कुछ कांग्रेस और राकांपा विधायक भी ठाकरे के खिलाफ मतदान करेंगे। इससे बीजेपी के लिए रास्ता साफ़ हो सकता है।