मंहगाई के मोर्चे पर सरकार के लिए एक बार फिर राहत भरी खबर आई है। पिछले दिनों जुलाई की खुदरा महंगाई दर में गिरावट आने बाद अब थोक महंगाई में भी गिरावट आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में थोक महंगाई की दर 13.93 फीसदी रही। इससे पहले जून महीने में थोक महंगाई 15.18 फीसदी थी, ये लगातार दूसरा महीना है जब थोक महंगाई दर में गिरावट आई है।
महंगाई ने तब सरकार और रिज़र्व बैंक के माथे पर चिंता की लकीरे खीच दी थी,जब थोक महंगाई दर लगभग 24 साल बाद अप्रैल में 15 फीसदी के बाहर निकली थी। इससे पहले सन 1998 दिसंबर महीने में महंगाई दर 15 फीसदी के ऊपर थी। हालाकिं अब यह फिर से 15 फीसदी के नीचे आ गई है लेकिन ये लगातार 16वां महीना है। जब महंगाई दर 10 फीसदी से ऊपर है। डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2022 में थोक महंगाई की दर बढ़कर 15.08 फीसदी, मई में थोक महंगाई दर ने 15.88 फीसदी रहकर नया रिकॉर्ड बना दिया था। वहीँ थोक महंगाई दर जून में नरम रुख दिखाते हुए 15.18 फीसदी रही थी।
खुदरा महंगाई ने भी दी है जुलाई में राहत
जहाँ बाकी दुनिया बढती महंगाई से परेशान है ,वहीँ भारत में सरकार और रिज़र्व बैंक के प्रयासों से महंगाई दर काबू होने लगी है।.भारत की खुदरा महंगाई दर जुलाई में कम होकर पांच महीने के निचले स्तर 6.71 फीसदी पर आ गई है। इससे पहले जून महीने में खुदरा महंगाई दर कुछ कम होकर 7.01 प्रतिशत रही थी। हालाकिं जुलाई की खुदर महंगाई दर भी रिज़र्व बैंक के तय अनुमान से अब भी ज्यादा है। बता दे कि केंद्रीय बैंक ने 2022-23 में खुदरा महंगाई दर का 6.7 फीसदी पर रहने का अनुमान जताया है। वहीँ महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने इस साल प्रमुख ब्याज दर को तीन बार बढ़ाकर 5.40 फीसदी कर दिया है।