चर्चित श्रद्धा वॉकर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को श्रद्धा के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने का कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में शरीर के टुकड़े-टुकड़े किए। उसके पास शव को ठिकाने लगाने के अलावा कोई चारा नहीं था। हालांकि उसे श्रद्धा की मौत का अफसोस जरूर है। वो कहता है कि उसे श्रद्धा की मौत का अफसोस है। दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं होना चाहिए। 

आरोपी आफताब ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वो और श्रद्धा मुंबई में जिस फ्लैट में रहते थे वहां दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया था। मुंबई के वसई में व्हाइट हिल्स सोसाइटी के फ्लैट 201 में दोनों करीब छह महीने तक साथ रहे। दोनों ने पुलिस वेरिफिकेशन के लिए जो दस्तावेज जमा कराए थे उसमें दोनों ने पति-पत्नी के रिश्ते का जिक्र किया है।  

आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह श्रद्धा से मुंबई में रहने के समय से ही झगड़े होने लगे थे। जब श्रद्धा उसे बर्तन से मारती थी तो वह उसे थप्पड़ मार देता था। इसी झगड़े में वो श्रद्धा को थप्पड़ मार दिया करता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी हंसता रहा। पुलिस के मना करने पर भी वह हंसता रहा।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी काफी तेज दिमाग का है। वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है। वह हर बात का जवाब सोच-समझकर देता है। इस बीच शव के टुकड़ों को ढ़ूंढ रही पुलिस को बुधवार को भी श्रद्धा का सिर और धड़ नहीं मिला।

इस बीच, दिल्ली में पिछले छह महीने से बारिश हो रही है। पुलिस को शव के टुकड़े करने के लिए इस्तेमाल किए गए औज़ार भी नहीं मिले। आरोपी ने 100 फीट लंबे रोड पर रखे एमसीडी के बड़े कचरे के ड्रम में आरी, ब्लेड और चॉपर आदि डाल दिए थे। ऐसे में ये उपकरण कचरे के साथ चले गए थे।

आरोपी आफताब की पांच दिन की पुलिस रिमांड आज खत्म हो रही है। पुलिस ने उसे आज दिन में कोर्ट में पेश किया। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की रिमांड और बढ़ाई जाएगी। पुलिस को अभी और सबूत जुटाने हैं। श्रद्धा के शरीर के और हिस्से भी बरामद किए जाने हैं।

इस मामले में मुंबई पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। मृतका के पिता विकास मदन वाकर को 15 सितंबर को पता चला कि श्रद्धा गायब है। कहा जा रहा है कि उसने अगले ही दिन मुंबई में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मुंबई पुलिस ने जांच के नाम पर काफी समय बर्बाद किया। मुंबई पुलिस ने 9 नवंबर को दिल्ली पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने करीब चार दिन में पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।