जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों पर हुए हमले को "फिल्म कश्मीर फाइल्स" से जोड़ा है।अब्दुल्ला ने कहा कि अगर कश्मीरी पंडितों पर हमले को रोकना है तो सरकार को फिल्म कश्मीर फाइल्स पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। अब्दुल्ला ने आगे कहा कि देश में मुसलमानों के खिलाफ़ नफरत का माहौल है, जो कश्मीर में मुस्लिम युवाओं के गुस्से का कारण है।

फिल्म कश्मीर फाइल्स का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला बोले, मैंने सरकार से पूछा कि क्या फिल्म कश्मीर फाइल्स सही है। क्या कोई मुसलमान पहले किसी हिंदू को मारेगा, फिर उसका खून चावल पर बहाएगा और उसकी पत्नी से कहेगा कि तुम इसे खाओ? ऐसा कभी होता है क्या? क्या मुस्लिम इतने बुरे है?

अब्दुल्ला ने आगे कहा कि कश्मीर फाइल्स एक निराधार फिल्म है जिसने देश में सिर्फ नफरत पैदा की है। इस समय कश्मीर में कश्मीरी पंडितों पर हमले अचानक से बढ़ गए हैं। इसे देखते हुए उपराज्यपाल के आदेश पर घाटी में कश्मीरी पंडितों के घरों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

निशाने पर पंडित-

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही कश्मीरी पंडितों की वापसी का दावा किया जाता रहा है। लेकिन पिछले तीन साल की हकीकत यह है कि वहां पहले से रह रहे कश्मीरी पंडितों को भी नहीं रहने दिया जा रहा है। उन पर लगातार हमले हों रहे है। पिछले हफ्ते राहुल भट्ट की टारगेट किलिंग इसका सबूत है।