माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने भारत में कोरोना वायरस का 200 करोड़ डोज का लक्ष्य पूरा होने पर पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। आपको बता दें कि भारत अपनी आबादी को दो अरब से अधिक खुराक देने वाला दूसरा देश बन गया है। अब तक भारत की तुलना में चीन में कोरोना वैक्सीन की अधिक खुराक दी जा चुकी है।
Congratulations @narendramodi for yet another milestone of administering #200crorevaccinations. We are grateful for our continued partnership with Indian vaccine manufacturers and the Indian government for mitigating the impact of COVID19. https://t.co/YeGUPsveL0
— Bill Gates (@BillGates) July 19, 2022
भारत में 12-14 आयु वर्ग के लिए कोविड-19 का टीकाकरण 16 मार्च, 2022 को शुरू हुआ था। अब तक 3.80 करोड़ (3,80,72,341) से अधिक बच्चों को COVID-19 वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। इसी तरह, 18-59 आयु वर्ग के लिए 10 अप्रैल, 2022 को बूस्टर डोज भी लॉन्च किया गया था।
अब तक भारत की तुलना में चीन में कोरोना वैक्सीन की अधिक खुराक दी जा चुकी है। चीन में अब तक 3.4 अरब से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट कर कहा था कि 17 जुलाई 2022 का दिन हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा, यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत ने अब तक लोगों को 2 अरब कोरोना की खुराक दी है। मैं इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य कर्मियों और नागरिकों को बधाई देता हूं।
PM @NarendraModi जी ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के 200 करोड़ वैक्सीनेशन की उपलब्धि पर इस अभियान से जुड़े हर एक प्रयास की सराहना व धन्यवाद करते हुए पत्र लिखा है।
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) July 20, 2022
इससे सभी vaccinators का उत्साहवर्धन हुआ है। इसी उत्साह के साथ हम सब इस कार्य में जुटे रहेंगे डटे रहेंगे। https://t.co/wwMGuZMIPm
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भारत ने फिर इतिहास रच दिया। वैक्सीन की 200 करोड़ खुराक का मील का पत्थर पार करने के लिए सभी भारतीयों को बधाई। उन लोगों पर गर्व है जिन्होंने भारत के टीकाकरण अभियान को अद्वितीय बनाने में योगदान दिया। इसने कोरोना के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि वैक्सीन के रोलआउट के दौरान, भारत के लोगों ने विज्ञान में उल्लेखनीय विश्वास दिखाया है। हमारे डॉक्टरों, नर्सों, फ्रंटलाइन वर्कर्स, वैज्ञानिकों, इनोवेटर्स और उद्यमियों ने इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मैं उनकी भावना और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा करता हूं।