Birbhum Violence: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में तृणमूल कांग्रेस के एक नेता की हत्या के बाद भड़की हिंसा में आठ लोगों को जिंदा जलाने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने बुधवार को घटना का संज्ञान लिया और मुख्य न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष इस पर सुनवाई हुई। मामले में अगली सुनवाई 7 अप्रैल को होनी है, उसी दिन सीबीआई अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट देगी। हाईकोर्ट ने मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) को सभी दस्तावेज और गिरफ्तार व्यक्तियों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने एसआईटी से आगे की जांच नहीं करने का आदेश दिया।
West Bengal | Central Bureau of Investigation's forensic team reaches Rampurhat.
— ANI (@ANI) March 25, 2022
Calcutta High Court today ordered CBI probe in the Birbhum violence case. pic.twitter.com/RW5q8PdpTD
इस बीच, पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में टीएमसी नेता भादू शेख पर चार बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद टीएमसी नेताओं के एक समूह ने इलाके में हिंसा शुरू कर दी। शक के आधार पर कई घरों में आग लगा दी गई। एक ही घर में आठ लोग जिंदा जल दिया गया।
पीड़ित परिवारों को दिया जाएगा मुआवजा-
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को रामपुरहाट पहुंचीं और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घर बनाने के लिए 2 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अलावा पीड़ितों के परिवारों को नौकरी भी दी जाएगी। इसके अलावा घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।