बिशप पीसी सिंह को जर्मनी से लौटते वक्त नागपुर एयरपोर्ट से EOW ने पकड़ा लिया है। गिरफ्तार किए जाने के बाद बिशप पीसी सिंह से पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ, की जा रही है। इसके बाद बिशप को मध्यप्रदेश भी लाया जा रहा है।
बिशप पर अवैध रूप से कैश जमा और पैसों का गवन करने का भी आरोप है। पैसों की कालाबाज़ारी के मामले में जबलपुर में इनके घर पर की गई छापेमारी में लगभग पौने 2 करोड़ रुपए कैश बरामद किया गया था। इसके अलावा छापेमारी में 48 बैंक अकाउंट, 13 अघोषित संपत्तियां, 9 लक्ज़री कारें, 2 किलो सोना और कई संपत्तियों के कागज़ाद भी मौके से बरामद किए गए थे। करोड़ों रुपयों की हेरा-फेरी के मामले में बिशप पर कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं बिशप पी सी सिंह का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन भी सामने आया है। खबर है, कि इनका दाउड के ख़ास गुर्गे रियाज़ भाटी से भी इनका संबंध है।
चर्च ऑफ एजुकेशन संस्था जहां ये काम करते थे इस बारे में उनका कहना है, कि पिछले महीने ही हमने बिशप को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। ईसाई मिशनरी संस्था ने इस मामले में पीएम मोदी को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। जाहिर तौर पर बच्चों की एजुकेशन के लिए आने वाले पैसे को बिशप ने जिस तरह से अपने बैंक अकाउंट में जमा किया उन पर कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है।
हम आपको बता दें, कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की तरफ से डेढ़ महीने पहले ही कार्रवाई की गई थी। और बिशप पीसी सिंह को संस्था से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था, उनका सस्पेंशन हो गया था। ये भी जानकीरी मिली है, कि लॉरेश नाम के एक शख्स ने लंबे समय तक पड़ताल करके इसकी शिकायत की थी। मामले में अलग-अलग जगहों पर कई शिकायतें की गई थीं। इसी दौरान एक शिकायत EOW को भी प्राप्त हुई थी। इसके बाद EOW की छापेमारी में धन कुबेर के पास अथाह संपत्ति होने की बात सामने आई थी। वहीं कई शिकायतें धर्मांतरण कराए जाने को लेकर भी लंबे समय से आ रही थीं।
मामले में सीएम ने खुद आगे आकर जल्द से जल्द कार्रवाई होना सुनिश्चित किया था। कहा जा रहा है, कि मामले में तीन स्तरों पर धांधली सामने आई है। ज़रूरत पड़ने पर जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से भी रिकमंडेशन की जाने की संभावना है।