दिल्ली की आबकारी नीति को लेकर उपराज्यपाल की तरफ से CBI जांच की सिफारिश की गई है। इस सिफारिश के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया को फंसाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन अब बीजेपी भी केजरीवाल सरकार पर हमलावर हो रही है। बीजेपी की तरफ़ से मीनाक्षी लेखी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली सरकार पर जमकर हमला बोला..!
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बीजेपी ने केजरीवाल पर दागे कई सवाल-
मीनाक्षी लेखी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, आज मेरे केजरीवाल जी से कुछ सवाल हैं। इससे पहले कि वो अपने आप को ईमानदारी का सर्टिफिकेट देना शुरू करें और ईमानदारी का ढकोसला करें। लेकिन प्रश्नों का उत्तर न देने से काम नहीं चलेगा। क्योंकि लोकतंत्र में जो प्रश्न पूछे जाते हैं उनका उत्तर देना अनिवार्य है।
'औलाद' पर आया आबकारी नीति का विवाद #SanjaySingh #LiquorPolicy #Delhi
— AajTak (@aajtak) July 22, 2022
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उन्होंने कहा, केजरीवाल जी ये बताएं कि 25 अक्टूबर 2021 को एक्साइज विभाग ने नोटिस दिया था उन कंपनियों को, जिनको शराब के लाइसेंस दिए गए थे। इस मामले में क्या कार्रवाई हुई? 14 जुलाई 2022 को बिना कैबिनेट नोट के जल्दबाजी में 144.36 करोड़ रुपये की छूट उन्हीं कंपनियों को बिना कानून का पालन किए दी गई?
आबकारी नीति का विवाद-
मीनाक्षी लेखी ने कहा, जब L1 का टेंडर किसी भी कंपनी का लगता है, तो उस टेंडर से पहले कुछ अर्नेस्ट मनी डिपोजिट देना पड़ता है। एक कंपनी द्वारा 30 करोड़ रुपये अर्नेस्ट मनी डिपोजिट दिया गया। अगर उसके लिए प्रक्रिया को फॉलो नहीं किया जाता तो, वो डिपॉजिट सरकारी खजाने में चला जाता है। लेकिन इस केस में ये 30 करोड़ रुपये बिना किसी अप्रूवल और प्रक्रिया के उस कंपनी को वापस किये गए।
केजरीवाल सरकार पर हमला बोलते हुए मीनाक्षी लेखी ने बताया कि दिल्ली में गैरकानूनी तरीके से शराब नीति को अपनाया गया। दिल्ली की जनता के साथ धोखाधड़ी हुई है। केजरीवाल जी को इस घोटाले का पूरा ब्योरा तथ्यों के आधार पर देना चाहिए। ऐसी क्या जल्दी थी कि बिना एजेंडा सेट किए इन्हें कागजों पर हस्ताक्षर करने पड़े। इन्होंने शराब कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हुए जो निर्णय लिए हैं, उससे जनता का ही नुकसान हुआ है।