ग्वालियर हमेशा से ही बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है। अटल जी से लेकर कई केंद्रीय मंत्रियों तक का नाता ग्वालियर से रहा हैं। पार्टी आज जिस मुकाम पर है, इसका बड़ा श्रेय बीजेपी सिर्फ़ अटलजी को देती हैं। इस बार अटलजी की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी जन्म स्थली पर नजारा कुछ अलग सा था। अटलजी को श्रद्धांजलि देने के लिए ग्वालियर स्थित उनके घर पर जहां बीजेपी के कई बड़े स्थानीय नेताओं का जमावड़ा लगा रहता था। तो वहीं इस बार उनके घर पर सिर्फ़ कांग्रेस के नेता ही नजर आये, बीजेपी के स्थानीय पार्षदों से लेकर किसी भी बड़े नेता ने उनके घर जाकर इस बार श्रद्धांजलि देना उचित नहीं समझा।  

कल अटल जी की चौथी पुण्यतिथि थी। इस मौके पर बीजेपी ने कई जगह आयोजन भी किए। लेकिन जो अटल जी की जन्म स्थली है.. ग्वालियर! वहां पर इस बार किसी भी बीजेपी नेता ने शिरकत नहीं की और ना ही वहां पर कोई बड़ा आयोजन किया गया। यहाँ तक की किसी स्थानीय नेता ने उनके घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि तक नहीं दी। इस अवसर पर कांग्रेस की नवनिर्वाचित महापौर शोभा सिकरवार व कई पार्षदों ने अटल जी के घर जाकर उनकी जन्मस्थली पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

जिस नेता ने बीजेपी को आज इस मुकाम पर पहुंचाया, उसी पार्टी के नेता अपने मुखिया को भूलते नजर आ रहे हैं। इससे नाराज अटल जी की भतीजी ने मीडिया के सामने इसपर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस नेता के नाम पर वोट मांगते हो, उसे ही श्रद्धांजलि देने नहीं आये। अब हमें उन्हें शेम-शेम करना चाहिए। इसे Youtube के जरिये पूरे हिंदुस्तान में डाल दो कि अटल जी की पुण्यतिथि पर पार्षद से लेकर लोकल नेता कोई भी उनके घर नहीं आया।