भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने तेजतर्रार नेताओं को भड़काऊ भाषणों से बचने की सलाह दी है। इस बीच पार्टी ने अपने बयानों से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले गिरिराज सिंह को भी फ़िलहाल कोई भाषण नहीं देने की सलाह दी। पार्टी ने ऐसा किसी भी विवाद से दूर रहने के लिए किया है। चुनाव नजदीक हैं और पार्टी नहीं चाहती कि कोई नेता विवादित बयान देकर पार्टी की छवि खराब करें।
पार्टी ने ऐसे 38 नेताओं को नोटिस जारी किया है जो समय-समय पर विवादित बयान देते रहे हैं। इनमें से 27 नेताओं को सलाह दी गई है कि वे ऐसे बयान से बचें जो विवादास्पद हों या फ़िर धार्मिक आहत वाले हों।
बीजेपी ने की विवादित बयानों की जांच-
पार्टी ने यह कदम नुपुर शर्मा विवाद के मद्देनजर उठाया है। नूपुर शर्मा को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान देने के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। पार्टी ने आईटी विशेषज्ञों की मदद से पिछले 8 वर्षों के बयानों की जांच की और पाया कि 5,200 बयान ऐसे थे जिनकी आवश्यकता नहीं थी यानी ये अनावश्यक बयान थे। साथ ही ऐसे ही 2,700 बयान संवेदनशील पाए गए।
गिरिराज के पांच विवादित बयान- (सोर्स)
1. अगर कब्र के लिए तीन हाथ जमीन चाहिए तो इस देश में वंदे मातरम गाए और भारत माता की जय बोले।
2. मुसलमान भगवान राम के वंशज हैं मुगलों के नहीं, इसलिए उन्हें राम मंदिर का विरोध नहीं करना चाहिए। राम मंदिर का विरोध करने वालों को समर्थन में आना चाहिए।
3. 2047 तक देश का एक बार फिर विभाजन हो सकता है। 1947 में देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ और 2047 तक स्थिति फिर से वही होगी।
4. देवबंद आतंकवाद की गंगोत्री है। हाफिज सईद समेत कई बड़े आतंकी यही से बाहर हैं।
5. आजादी के समय पाकिस्तान बनने के बाद सभी मुसलमानों के वहां न भेजने की कीमत, भारत आज भी चुका रहा है।
सूत्रों के अनुसार, ये सभी बयान विवादास्पद माने गए हैं। इसीलिए पार्टी नहीं चाहती है कि ऐसा दोबारा हो, या फ़िर पार्टी की तरफ़ से इस तरह के बयान मीडिया ने आये। इन सभी पर रोक लगाने के लिए पार्टी ने यह कदम उठाया है।