भोपाल।प्रदेश में पूर्वी जिलों रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया आदि में छत्तीसगढ़ राज्य से आने वाले जंगली हाथियों का मानव से द्वन्द रोकने के लिये अब तमिलनाडु एवं कर्नाटक से बाउन्सर हाथी बुलवाये जायेंगे। इसके लिये राज्य वन मंत्री विजय शाह ने विभागीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिये हैं। ये बाउन्सर हाथी मप्र के जंगलों में आये हाथियों में से चार हाथियों को मानव से द्वन्द रोकने के लिये प्रशिक्षित किये जायेंगे।

उल्लेखनीय है कि देश में मानव-हाथी द्वन्द से प्रतिवर्ष 500 व्यक्ति मारे जाते हैं एवं लगभग 100 हाथी इलेक्ट्रोक्युशन, जहर देने, ट्रेन दुर्घटना आदि की वजह से मारे जाते हैं। जनहानि के अतिरिक्त हाथियों द्वारा फसलों एवं सम्पत्ति की क्षति भी की जाती है। ग्रामों के आसपास के वनक्षेत्रों में हाथियों के निरन्तर भ्रमण से मानव-हाथी द्वन्द एवं ग्रामीणों में भय की स्थिति बनी रहती है। पिछले दिनों वन विभाग ने मानव-हाथी द्वन्द के प्रबंधन हेतु दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं।

15 मार्च से होंगी ग्राम वन अधिकार समितियों की बैठकें :

वन मंत्री ने अपने निर्देशों में कहा है कि 15 मार्च से 30 अप्रैल तक वनाधिकार पट्टों के दावों के संबंध में अपनी राय देने वाली ग्राम वन अधिकार समितियों की दो-दो बठकें आयोजित की जायें। ये समितियां एमपी वन मित्र पोर्टल पर दर्ज हैं।

दो राज्यों में अध्ययन हेतु जायेंगे मंत्री :

वन मंत्री अगले माह दो राज्यों केरल एवं कर्नाटक में बनी वन चौकियों का अध्ययन करने के लिये जायेंगे। इसके लिये वन मंत्री ने अधिकारियों से तैयारी करने के लिये कहा है।

ग्रीनको कंपनी को भूमि दें :
वन मंत्री ने विदेशी कंपनी ग्रीनको को ग्रीन एनर्जी के उत्पादन हेतु वन भूमि के डायवर्सन का काम तेजी से करने के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। इस कंपनी का आंधप्रदेश के करनूल में चल रहे कार्यों को देखने भी वन मंत्री जायेंगे।

मशीनों से गढ्ढे खोदने पर विचार हो :

वन मंत्री ने वृक्षारोपण के लिये मशीनों से गढ्ढे खोदे जाने पर विचार करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि कैम्पा फण्ड के तहत जो सुरक्षित वृक्षारोपण होता है जिसमें फेन्सिंग एवं पानी की व्यवस्था भी की जाती है जिससे पौधों की जीवितता का प्रतिशत 75 तक रहता है, उसी प्रकार, विभागीय वृक्षारोपण में भी किया जाये क्योंकि विभागीय वृक्षारोपण में पौधों की जीवितता का प्रतिशत 30 प्रतिशत तक ही रह पाता है।