प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम सात बजे दिल्ली बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए पंहुच गए है। जानकारी के अनुसार, चार राज्यों में चुनावी जीत के बाद पीएम मोदी सभी उम्मीदवारों, पार्टी कार्यकर्ताओं और देश की जनता का शुक्रिया अदा करने के लिए पार्टी मुख्यालय पहुचें है।
दिल्ली बीजेपी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि, आज चुनाव के नतीजे जो भाजपा के पक्ष में एकतरफा आए हैं, उसकी विजय यात्रा के क्रम में इतनी बड़ी संख्या में आप सब लोग आए हैं। भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से मैं प्रधानमंत्री जी का स्वागत करता हूं, अभिनंदन करता हूं। आज जो नतीजे आए हैं, जिसमें एकतरफा चार राज्यों की जनता का आशीर्वाद हमें मिला है। इसमें जो योगदान भारत की जनता ने किया है, वो बताता है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाए गए कार्यक्रम, उनके द्वारा चलाई गई नीतियों पर जनता ने मुहर लगाई है।
जेपी नड्डा ने कहा, उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी को लगातार चौथी बार आशीर्वाद मिला है। 2014 लोकसभा, 2017 विधानसभा, 2019 लोकसभा और अब 2022 विधानसभा चुनाव में जनता ने आशीर्वाद दिया है। 37 साल में यह पहली बार है जब कोई पार्टी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सरकार बना रही है। हमारा वोट शेयर भी बढ़ा है। उत्तराखंड में, जब से राज्य का गठन हुआ है, सरकारें हर चुनाव में बदली हैं। हालांकि, इस बार, राज्य के इतिहास में पहली बार, राज्य ने हमें जारी रखने के लिए वोट दिया है। मणिपुर में, हम स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए तैयार हैं, और गोवा में, हम तीसरी बार सरकार बनाएंगे। असम में, हमने असम नगरपालिका चुनावों में 80 में से 77 बोर्डों में जीत हासिल की है - जिसके परिणाम कल घोषित किए गए थे।
जेपी नड्डा ने कहा, चुनाव सिर्फ अंकगणित नहीं है, यह रसायन शास्त्र है। भारत के गरीब और जरूरतमंद लोग, महिलाएं, युवा, पिछड़ा वर्ग सभी पीएम मोदी के साथ अपनी केमिस्ट्री मजबूत कर रहे हैं। आज जहां हम चार राज्यों में अपने बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए खड़े हैं। वहीं कल असम म्युनिसिपल बोर्ड के जो नतीजे आएं हैं वहां 80 म्युनिसिपल बोर्ड में से 77 भाजपा ने जीते हैं। आज वहां मझोली में उपचुनाव भी था, वह सीट भी भाजपा ने प्रचंड बहुमत से जीती है। जब जन कल्याणकारी योजनाओं के द्वारा किसी साधारण व्यक्ति का सशक्तिकरण होता है, तो वो साधारण व्यक्ति चुनाव में कमल के निशान पर बटन दबाता है। प्रधानमंत्री जी ने भारत की राजनीति की संस्कृति बदली है। अब रिपोर्ट कार्ड की राजनीति के आधार पर चुनाव लड़े जाते हैं। उत्तर प्रदेश की जनता ने भरपूर आशीर्वाद दिया है। हम दो तिहाई बहुमत की तरफ बढ़ रहे हैं। जो लोग वहां भय का वातावरण बनाते थे, वो आज खुद भयभीत हैं। इसके लिए हम योगी जी का भी धन्यवाद करते हैं।
चुनावी जीत पर पीएम मोदी का बड़ा बयान :
पीएम मोदी ने कहा, आज उत्साह का दिन है, उत्सव का दिन है। ये उत्सव भारत के लोकतंत्र के लिए है। मैं इन चुनावों में हिस्सा लेने वाले सभी मतदाताओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उनके निर्णय के लिए मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुझसे वादा किया था कि इस साल 10 मार्च से होली शुरू होगी और उन्होंने अपना वादा निभाया है। इन कार्यकर्ताओं ने चौबीसों घंटे काम किया और सभी राज्यों में लोगों का विश्वास जीतने में सफल रहे। बीजेपी का वोट शेयर मणिपुर, उत्तर प्रदेश और गोवा में सत्ता में रहने के बाद भी बढ़ा है। गोवा में सभी एग्जिट पोल गलत साबित हुए और गोवा के लोगों ने हमें लगातार तीसरी बार उनकी सेवा करने का मौका दिया है। यूपी ने देश को अनेक प्रधानमंत्री दिए हैं, लेकिन 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले मुख्यमंत्री के दोबारा चुने जाने का ये पहला उदाहरण है। यूपी में 37 साल बाद कोई सरकार लगातार दूसरी बार आई है। तीन राज्य यूपी, गोवा और मणिपुर में सरकार में होने के बावजूद भाजपा के वोट शेयर में वृद्धि हुई है। गोवा में सारे एग्जिट पोल गलत निकल गए और वहां की जनता ने तीसरी बार सेवा करने का मौका दिया है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi addresses party workers at BJP HQ in Delhi#AssemblyElections2022 https://t.co/OtqqxIUldv
— ANI (@ANI) March 10, 2022
मोदी ने कहा, सीमा से सटा एक पहाड़ी राज्य, एक समुद्र तटीय राज्य, मां गंगा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त एक राज्य और पूर्वोत्तर सीमा पर एक राज्य, भाजपा को चारों दिशाओं से आशीर्वाद मिला है। इन राज्यों की चुनौतिया भिन्न हैं, सबकी विकास यात्रा का मार्ग भिन्न है, लेकिन सबको जो बात एक सूत्र में पिरो रही है, वो है- भाजपा पर विश्वास, भाजपा की नीति, भाजपा की नीयत और भाजपा के निर्णयों पर अपार विश्वास है। परिणाम भाजपा के गरीब समर्थक और सक्रिय शासन की दृढ़ता से पुष्टि करते हैं। पहले, लोग बिजली, गैस और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार तक नहीं पहुंच पाते थे। गरीबों के नाम पर घोषणाएं बहुत बनी, योजनाएं बहुत बनी, लेकिन जिस गरीब का उस पर हक था, वो हक उसे बिना परेशानी के मिले, उसके लिए गुड गवर्नेंस और डिलिवरी का बड़ा महत्व होता है। भाजपा इस बात को समझती है।
मोदी के अनुसार, इन चुनावों में राज्यों की महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने हमें आशीर्वाद दिया है - हमने उन क्षेत्रों में शानदार जीत हासिल की है जहां महिला मतदाताओं का दबदबा है। इस जीत में हमारी नारी शक्ति हमारी सहयोगी रही है। कुछ लोग ये कहकर यूपी को बदनाम करते हैं कि यहां के चुनाव में तो जाति ही चलती है। 2014 के चुनाव नतीजे देखें, 2017, 2019 के नतीजे देखें और अब फिर 2022 में भी देख रहे हैं, हर बार यूपी के लोगों ने विकासवाद की राजनीति को ही चुना है। मैं आज ये भी कहूंगा कि 2019 के चुनाव नतीजों के बाद, कुछ पॉलिटिकल ज्ञानियों ने कहा था कि 2017 के नतीजों ने 2019 के नतीजे तय कर दिए। मैं मानता हूं इस बार भी वो यही कहेंगे कि 2022 के नतीजों ने 2024 के नतीजे तय कर दिए। मैं आज पंजाब के भाजपा कार्यकर्ताओं की भी विशेष प्रशंसा करूंगा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में जिस प्रकार पार्टी का झंडा बुलंद किया है, वो आने वाले समय में पंजाब में भाजपा की और देश की मजबूती को एक अहम स्थान के रूप में विकसित करेंगे। सीमावर्ती राज्य होने के नाते, पंजाब को अलगाववादी राजनीति से सतर्क रखने के कार्य को भाजपा का कार्यकर्ता जान की बाजी लगाकर भी करता रहेगा। आने वाले 5 सालों में भाजपा का हर कार्यकर्ता वहां इस दायित्व को जोर शोर से निभाने वाले है, ये विश्वास मैं आज पंजाब की जनता को देना चाहता हूं।
पीएम ने कहा, जारी युद्ध दुनिया भर के हर देश को प्रभावित कर रहा है। भारत शांति के पक्ष में है और उम्मीद करता है कि विचार-विमर्श से सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। भारत का संबंध युद्ध में शामिल देशों से है - आर्थिक, सुरक्षा के लिहाज से, शिक्षा के लिहाज से और राजनीतिक रूप से भी। इन देशों से भारत की कई जरूरतें जुड़ी हुई हैं। इस वैश्विक संदर्भ में, इन कठिनाइयों के बीच इस बार के बजट पर नजर डालें तो एक विश्वास पैदा होता है कि देश आत्मनिर्भर भारत अभियान के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। इस भावना को इस बार के बजट से और ऊर्जा मिली है। भारत का नागरिक जिम्मेदारी के साथ हर संभव तरीके से देश के लिए काम कर रहा है। हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो हमारे देश में राजनीति के मानकों को कम कर रहे हैं। वैक्सीनेशन के हमारे प्रयासों की दुनिया प्रशंसा कर रही है लेकिन इस पवित्र कार्य पर, भारत की वैक्सीन पर सवाल उठाए गए। दुर्भाग्य की बात है कि जब यूक्रेन में हजारों भारतीय छात्र, भारतीय नागरिक फंसे हुए थे, तब भी देश का मनोबल तोड़ने की बातें हो रहीं थीं। इन लोगों ने ऑपरेशन गंगा को क्षेत्रीय बनाने की भी कोशिश की। इन लोगों ने हर योजना को क्षेत्रवाद और सांप्रदायिकता का एक अलग रंग दिया है - यह भारत के भविष्य के लिए एक बड़ी चिंता है।
पीएम ने कहा, इन चुनावों में मैंने लगातार हर विषय पर भाजपा का विजन लोगों के सामने रखा। इसके साथ ही जिस बात पर मैंने चिंता जताई थी, वो थी घोर परिवारवाद। मैं किसी परिवार के खिलाफ नहीं हूं, न ही मेरी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी है। मैं लोकतंत्र की चिंता करता हूं। एक न एक दिन ऐसा आएगा जब भारत में परिवारवादी राजनीति का सूर्यास्त देश के नागरिक करके रहेंगे। इस चुनाव में देश के मतदाताओं ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए, आगे क्या होने वाला है, इसका इशारा कर दिया है। आज हम देख रहे हैं जो निष्पक्ष संस्थाएं, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती हैं, ये लोग और उनका इकोसिस्टम, उन संस्थाओं को बदनाम करने के लिए मैदान में आ जाते हैं।
ये देश का दुर्भाग्य है कि घोटालों से घिरे लोग एकजुट होकर, अपने इकोसिस्टम की मदद से, इन संस्थाओं पर दबाव बनाने लगे हैं। जांच एजेंसियों को रोकने के लिए ये लोग अपने ईकोसिस्टम के साथ मिलकर नए-नए तरीके खोजते हैं। इन्हें देश की न्यायपालिका पर भी भरोसा नहीं है। पहले हजारों करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार करो, फिर जांच भी न होने दो, जांच की जाए तो उस पर दबाव बनाओ, ये उन लोगों की प्रवृत्ति है। मैं बनारस का सांसद होने के नाते, मेरे अनुभव से कह सकता हूं, यूपी के लोग ये बात समझ चुके हैं कि जाति को बदनाम करने वालों से, सम्प्रदाय को बदनाम करने वालों से अब दूर रहना है और राज्य के विकास को ही सर्वोच्च प्राथमिकता देनी है। यहां से हम दो पटरियों पर एक साथ तेजी से काम करने वाले हैं। एक तरफ गांव, गरीब, छोटे किसान और लघु उद्यमी के कल्याण पर हमारा जोर है। वहीं दूसरी तरफ देश के संसाधनों, देश की युवाशक्ति को नए अवसर देकर हम आत्मनिर्भरता के मिशन को तेज करना चाहते हैं। हमें जुट जाना है, एक पल भी गंवाना नहीं है, चुनौतियां कितनी ही कठिन क्यों न हों, लेकिन जीतने का संकल्प उससे भी बड़ा होता है। बड़े संकल्पों के साथ, बड़े सपनों के साथ, हर ऊंचाई को पार करने के इरादों के साथ देश को आगे बढ़ाना है। ये भव्य विजय, भारत के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।