भोपाल: प्रदेश के सीधी जिले में स्थित संजय टाईगर रिजर्व में सफेद बाघ लाने का मामला खटाई में पड़ता दिख रहा है। दरअसल विन्ध्य क्षेत्र में पहले सफेद बाघ हुआ करते थे जो कालांतर में पूरी तरह खत्म हो गये।
राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की पिछली बैठक में बोर्ड के सदस्य रिटायर्ड पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ डॉ. एचएस पाबला ने संजय टाईगर रिजर्व में सफेद बाघ की पुनस्र्थापना का सुझाव दिया था, जिस पर बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव पेश करने के निर्देश दिये थे।
लेकिन इस प्रस्ताव को पेश करने में समस्या आ रही है कि देश में ज्यादातर सफेद बाघ केप्टिव में यानि चिडिय़ाघरों में हैं तथा उनकी आदत केप्टिव में रहने की है। ऐसी स्थिति में उन्हें खुले जंगल में नहीं छोड़ा जा सकता है। इससे संजय टाईगर रिजर्व में सफेद बघ लाने का मामला खटाई में पड़ता दिख रहा है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि स्टेट वाईल्ड लाईफ बोर्ड में संजय टाईगर रिजर्व में सफेद बाघ लाने का मामला आया था लेकिन अभी देश में जो सफेद बाघ उपलब्ध हैं वे केप्टिव में रह रहे हैं तथा उन्हें खुले जंगल में नहीं छोड़ा जा सकता है।