भोपाल: राज्य के वन विभाग ने बीएसएनएल को रातापानी अभयारण्य में बमनई जीपी से देलावाड़ी तक मार्ग के किनारे-किनारे 4 जी मिशन के तहत 0.090 हेक्टेयर वन भूमि में भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल लगाने की अनुमति दी है। यह केबल 1800 मीटर लम्बाई की एवं 0.50 मीटर चौड़ाई की होगी। 

naidunia_image

लेकिन अनुमति के साथ शर्त लगा दी है कि बीएसएनएल को वन अपराधों के संबंध में मांगे जाने पर कॉल डिटेल रिपोर्ट भी देनी होगी। यह सीडीआर वन विभाग की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को देनी होगी। साथ ही बीएसएनएल से कहा गया है कि वह केबल बिछाने की लागत की 5 प्रतिशत राशि अभयारण्य के विकास हेतु एमपी टाइगर फाउंडेशन सोसायटी के पास जमा करें।

उल्लेखनीय है कि वन अपराधों में सरकारी एवं निजी दूरसंचार कंपनियां वन विभाग को सीडीआर नहीं देती हैं तथा इसके लिये वन विभाग को पुलिस विभाग से मदद मांगना पड़ती है जिसके लिये लम्बी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसलिए अब वन विभाग ने वन भूमि देने के बदले दूरसंचार कंपनियों पर वन विभाग को सीधे सीडीआर देने की शर्त लगाना शुरु कर दिया है।