केंद्र सरकार ने देश में रोजगार बढ़ाने, पलायन रोकने और सस्ते उत्पाद विकसित करने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट का गठन किया था. इसने लोगों को बिना लगभग 5.33 लाख करोड़ रुपये का फायदा पहुंच चुका है. इसकी मदद से देश में न सिर्फ रोजगार पैदा हुए हैं बल्कि मैन्यूफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिला है.
साथ ही सरकार ने नए आईडिया को आगे बढ़ाने के लिए करीब 43 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. लोकसभा में टॉप-3 में रहे महाराष्ट्र, यूपी और तमिलनाडु: सबसे ज्यादा रकम महाराष्ट्र में दी गई यहां 62807 करोड़ रुपये की गारंटी दी गई. इसके अलावा दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश रहा, जहां 52998 करोड़ रुपये दिए गए. तमिलनाडु में 42270 करोड़ और गुजरात में 42162 करोड़ रुपये की कुछ गिरवी रखे लोन दिलाने में मदद की.
केंद्र सरकार ने देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रखी हैं. सबसे ज्यादा ध्यान सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को आगे बढ़ाने पर है. इसके चलते सन 2000 में क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट का गठन किया गया था.
केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा ने बताया कि इस ट्रस्ट के माध्यम से नवंबर, 2023 तक 79.53 लाख से ज्यादा छोटे एवं मध्यम कारोबारियों तक सहायता पहुंचाई गई इन लोगों को 5.33 लाख करोड़ रुपये इस स्कीम के माध्यम से दिए गए. क्रेडिट गारंटी दी गई. इस योजना के अंतर्गत छोटे कारोबारियों को कर्ज लेने के लिए न तो कुछ गिरवी रखना पड़ता है, न ही उन्हें थर्ड पार्टी गारंटी देनी होती है. उन्होंने बताया कि मंत्रालय देश में नए विचारों को आगे बढ़ाने पर भी काम कर रहा है.