सूत्र बताते हैं कि सड़कों और बिल्डिंगों की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को मिलेगी, जबकि एकांत, चिनार समेत 7 बड़े पार्क वन विभाग संभाल सकता है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अगस्त 2021 में सीपीए को बंद करने का ऐलान किया था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने राजधानी की खस्ताहाल सड़कों को लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद सीपीए का कामकाज समेटा जाने लगा। सीपीए को बंद करने के ऐलान के बाद इसके कामकाज का बंटवारा भी हो चुका है। भोपाल में 132 एकड़ में फैले एकांत, प्रियदर्शनी, चिनार, मयूर, प्रकाश तरण पुष्कर समेत 7 बड़े पार्कों की
देखरेख का जिम्मा नगर निगम की बजाय वन विभाग संभालेगा। वहीं, सड़कें पीडब्ल्यूडी के हवाले होंगी। इंजीनियर कर्मचारी, पुल और बिल्डिंगों को लेकर भी खाका तैयार है।
मंत्री की मंजूरी के बाद कैबिनेट में भेजा प्रस्ताव
सीपीए के बंद करने के प्रस्ताव को नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह पहले ही मंजूरी दे चुके हैं। इसके बाद विभाग ने प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा था। अब यह प्रस्ताव 3 मार्च को होने जा रही शिवराज कैबिनेट में रखा जाएगा। इसमें प्रस्ताव मंजूर होने के बाद 31 मार्च 2022 से इसे बंद कर दिया जाएगा। दिसंबर में सीनियर सेक्रेटरी की मीटिंग हुई थी। इसमें बटवारे से जुड़े कई निर्णय लिए गए थे। इसके बाद मंत्री सिंह के पास प्रस्ताव भेजा गया था।