कारगिल दिवस पर एक ओर पूरा देश जवानों की शहादत और बहादुरी को नमन कर कर रहा है वहीं भारतीय सेना के कुछ नायक तंगहाली में जीपन यापन को मज़बूर हैं। देश के लिए 1965 की जंग लड़ चुके ऐसे ही एक पूर्व कैप्टन भी भोपाल के एक वृद्धाश्रम में गुजर कर रहे हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष गौतम तिवारी ने इनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम राजधानी के एक वृद्धाश्रम पहुंचे। जहाँ उन्होंने आर्थिक तंगी से गुजर रहे सेना से रिटायर्ड एक बुजुर्ग दंपत्ति से भेंट की और उन्हें 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही कंबल, फल आदि सामग्री भी भेंट की।
1965 की जंग में शामिल होने वाले कैप्टन राज दयाल चंद अपने पुत्र की मृत्यु के पश्चात गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। मीडिया में उनकी खबर दिखाए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष गौतम वृद्धाश्रम पहुंचे थे।
गौरतलब है कि 1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के वक्त भारतीय सेना के कैप्टन रायदयाल चंद आर्टिलरी में तैनात थे। उनका सिलेक्शन शॉर्ट सर्विस कमीशन से हुआ था। कैप्टन राय दयाल चंद 10 साल बाद रिटायर हो गए। इकलौते बेटे के महज 34 साल की उम्र में बीमारी के मौत से उनकी ज़िंदगी बदल गई। स्थाई आमदनी न होने के कारण पूर्व कैप्टन रायदयाल चंद आर्थिक टंगी के शिकार हो गए। पूर्व कैप्टन रायदयाल चंद का कहना है कि यदि हमें आर्मी से पेंशन का प्रोविजन होता तो वृद्धाश्रमों में लावारिसों की तरह जिंदगी नहीं गुजारनी पड़ती।