भोपाल. राज्य सरकार राजधानी परियोजना वनमंडल (सीपीए) बंद करने जा रही है. इस पर कैबिनेट की मुहर लगने के पहले ही राजधानी परियोजना वनमण्डल ने कलेक्टर, नगर निगम कमिश्नर और एसडीएम भोपाल को पत्र लिखकर दबंगों के चंगुल से बेशकीमती शासकीय जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने का आग्रह किया है. यही नहीं, राजस्व वन भूमि पर बर्खास्तशुदा सत्कार अधिकारी ने तो विकास कुंज नाम से कॉलोनी काट दी और नगर निगम और जिला प्रशासन मूक बधिर बना रहा. अतिक्रमण को हटाने के लिए सीपीए बार-बार पत्र लिखता रहा किंतु उस पर कोई कार्यवाही आज दिनांक तक नहीं हो पाई. राजधानी परियोजना वन मंडल वन संरक्षक कहते हैं कि कहते हैं कि हमारे पास फोर्स नहीं है कि हम स्वयं जाकर अतिक्रमण को हटाए. केवल जिला प्रशासन और नगर निगम को पत्र ही लिख सकते हैं.


सीपीए वन मंडल ने पिछले दिनों फिर एक पत्र नगर निगम कमिश्नर को लिखा है. इस पत्र में अतिक्रमणकारियों के नाम उनके कब्जे की जमीन का पूरा ब्यौरा भी भेजा है. सीपीए के इस पत्र के अनुसार 692 अतिक्रमणकारियों ने शहर के बीच बेशकीमती जमीनों पर कब्जा कर दुकानें और आलीशान बंगले बनवा लिए हैं. सबसे अधिक अतिक्रमण अयोध्या बाईपास पर हुए हैं. जिला प्रशासन के नीचे अयोध्या बायपास में की भूमि पर अहिंसा बिहार के नाम से कॉलोनी भी बन गई है. ग्रीन बेल्ट जमीन को नष्ट कर कॉलोनी वासियों ने कार पार्किंग की जगह भी बना ली है. आक्रमण की जमीन पर और पाइप दुकान में बड़ी संख्या में खुल गई है. वेलकम अपार्टमेंट, जिंदल हॉस्पिटल, गिरनार विला, तिरुपति अपार्टमेंट, लक्ष्मी बिहार के अलावा व्यक्तिगत लोगों ने भी कब्जा कर रखा है.
वन भूमि के कब्जे से पाई गई भूमि
राजधानी परियोजना वन मंडल ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बाबा नगर झुग्गी बस्ती, विकास कुंज के मकान, फॉर्च्यून प्राइड के कुछ मकान, शगुफ्ता कुरेशी के कब्जे वाली वन भूमि और त्रिलोचन नगर आदि के आधिपत्य में 37.100 हेक्टेयर जमीन राजस्व विवाद में फंसी हुई है. पत्र में सीमांकन कराने की मांग की गई है. साथ ही वन भूमि को कब्जे से छुड़ाने का भी आग्रह किया गया है. सरकार में रसूखदार रहे बर्खास्तशुदा सहायक सत्कार अधिकारी तिग्गा ने विकास कुंज के नाम से पूरी कॉलोनी ही बसा दी है. तिग्गा के रसूख के चलते अब तक किसी ने भी कार्यवाही नहीं की है.
किसके कब्जे में कितनी जमीन
बाबा नगर झुग्गी बस्ती -1.311 हेक्टेयर
विकास कुंज कॉलोनी -0.375
फॉर्च्यून प्राइड के कुल मकान- 0.135
शगुफ्ता कुरैशी के आधिपत्य में- 0.093
त्रिलोचन नगर - 0.119