भोपाल: मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौतों का मामला मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर) पहुंच गया है。अदालत ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), और मध्य प्रदेश राज्य सरकार सहित कुल 6 पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले के मुख्य बिंदु:लगातार मौतें: कान्हा टाइगर रिजर्व में कुछ ही हफ्तों के भीतर करीब 8 से 10 बाघों की मौत हो चुकी है। प्रारंभिक रिपोर्टों में इन मौतों का कारण 'कैनाइन डिस्टेंपर वायरस' (CDV) को माना जा रहा है, जो आमतौर पर आवारा कुत्तों में पाया जाता है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा दायर जनहित याचिका में वन विभाग के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए है। उच्च न्यायालय ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर कान्हा में वन्यजीवों की सुरक्षा, जांच रिपोर्ट और उठाए गए कदमों का पूरा ब्यौरा देने के निर्देश दिए है।