एक बार ब्रश करना तो सबकी डेली आदत में शामिल होता है। ब्रश करने से मुंह की गंदगी साफ हो जाती है। वहीं ब्रश न करने से मुंह में बैक्टीरिया बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं और गंदी बदबू, दांतों मे सड़न के साथ ही शरीर के अंदर पहुंचकर कई तरह की बीमारियां पैदा करने का काम करते हैं।
डॉक्टर भी दिन में कम से कम दो बार ब्रश करने की सलाह देते है। ब्रश करने से दांतों के ऊपर जमी गंदगी की परत साफ होती है, जो दांतों की सड़न और मसूड़ों से जुड़ी बीमारियों का करण बनती है।
यही नहीं ब्रश न करने से आपको कई जानलेवा बीमारियों के होने का ख़तरा भी बढ़ जाता है। यदि आप साफ-सुथरे नहीं रहते हैं तो आपको बीमार होने का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है।
ब्रश नहीं करने से आपको हो ये बीमारियां-
• ब्रश नहीं करने से बढ़ता है डायबिटीज का रिस्क ज्यादा, जो लोग नियमित रूप से दिन में तीन बार अपने दाँत साफ करते हैं, उनमें टाइप 2 मधुमेह का खतरा कम हो जाता है। इसके साथ ही जिन लोगों को दांतों की बीमारियां हैं या जिनके बहुत सारे दांत गिर गए होते हैं, उनमें ब्लड शुगर ज़्यादा होने का होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
• जो लोग अपने दांतों को दिन में कम से कम तीन बार ब्रश करते थे, उनमें एट्रियल फाइब्रिलेशन और हार्ट फेल होने की संभावना भी कम हो जाती है।
• प्लाक एक चिपचिपी परत है जो दांतों को कोट करती है और इसमें बैक्टीरिया होते हैं जो आपके दांतों के नीचे की कमजोर परतों पर हमला कर सकते हैं। ब्रश नहीं करने से हमारे दांतों में कैविटी हो जाती है।
• धूम्रपान के साथ ओरल हाइजीन को भी मसूड़े की बीमारी और मुंह और पेट के कैंसर से जोड़ा जाता है। रोज ब्रश न करना कैंसर के खतरे को बढ़ाने का काम करता है।
• एक्सपर्ट सुबह और रात में ब्रश करने की सलाह देते हैं।
• दांतों की सड़न और खराब ओरल हेल्थ मसूड़े में अल्सर बनने का कारण होता है। इसके साथ ही दांतों में गंदगी के कारण मुंह में बनने वाले कुछ बैक्टीरिया पेट के अल्सर का कारण भी बन सकते हैं।