सीबीआई, बैंक घोटाला मामले में मुख्य आरोपी कारोबारी नीरव मोदी के सहयोगी सुभाष शंकर को काहिरा से भारत वापस ले आई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक अभियान शुरू किया था, जिसके तहत उसे भारत लाया गया है। सीबीआई उसे भारत वापस लाने के लिए लंबे समय से काम कर रही थी। सुभाष शंकर भी बैंक धोखाधड़ी मामले के आरोपियों में से एक है।
CBI brings back Nirav Modi's close aide Subhash Shankar from Cairo
— ANI Digital (@ani_digital) April 12, 2022
Read @ANI Story | https://t.co/3tT7QzCsOo#NiravModi pic.twitter.com/Mrshi7hzCb
सीबीआई के अनुसार, 49 वर्षीय सुभाष शंकर 2018 में नीरव मोदी के साथ भारत से भाग गया था। यह नीरव मोदी का काफ़ी क़रीबी और खास माना जाता है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब सुभाष को मुंबई की एक अदालत में पेशकर CBI हिरासत में लेगी और पीएनबी घोटाले में उनसे पूछताछ करेगी।
इंटरपोल ने जारी किया था नोटिस :
2018 में, सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी, उसके भाई नीशल मोदी और उसके कर्मचारी सुभाष शंकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। सीबीआई द्वारा दायर आरोप-पत्र और विशेष न्यायाधीश जेसी जगदाले द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर इंटरपोल ने चार साल पहले मुंबई की एक विशेष अदालत में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
नीरव मोदी के खिलाफ जारी अपने रेड कॉर्नर नोटिस में, इंटरपोल ने सभी 192 देशों से उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने का आह्वान किया, ताकि उस पर कार्यवाही शुरू हो सकें। नीरव मोदी ने पीएनबी में करीब 6,500 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। नीरव मोदी लंदन की जेल में है। भारत सरकार उसे भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है। ईडी विदेश में नीरव मोदी की संपत्ति को जब्त करने की कोशिश कर रही है। नीरव ने 2017 में अपनी कंपनी फायरस्टार डायमंड्स के जरिए प्रतिष्ठित रिदम हाउस बिल्डिंग खरीदी थी। उनकी योजना इसे एक विरासत संपत्ति में बदलने की थी। माना जाता है कि उन्होंने पीएनबी घोटाले से अधिकांश संपत्ति खरीदी है।