भोपाल: राज्य के मुरैना जिले में स्थित चम्बल अभयारण्य के राजघाट पुल के आसपास के अति संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा एक माह के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे और इस अभयारण से निरन्तर गुजरने वाले ट्रकों एवं अन्य वाहनों की ट्रेकिंग हेतु इन सभी प्रकार के वाहनों में अनिवार्य रुप से परिवहन विभाग के माध्यम से जीपीएस लगवाये जाने की कार्यवाही की जायेगी। इसके निर्देश राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जारी किये हैं।
दरअसल पिछले दिनों चम्बल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध उत्खनन वाले ट्रेक्टर को पकडऩे में एक वनरक्षक की मृत्यु हो गई थी तथा इस घटना को सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान में लिया हुआ है और आवश्यक कार्यवाही करने के लिये मप्र सरकार को निर्देशित किया हुआ है।
उल्लेखनीय है कि राजघाट पुल मुरैना जिले के चम्बल अभयारण क्षेत्र में स्थित है तथा यह पुल चंबल नदी पर बना है और मप्र (मुरैना) को राजस्थान (धौलपुर) से जोड़ता है। यह क्षेत्र आगरा-मुंबई फोरलेन का भी हिस्सा है। यह दिल्ली-मुंबई को जोडऩे वाला एक प्रमुख फोरलेन ब्रिज भी है। राजघाट का यह क्षेत्र मगरमच्छ (घडिय़ाल) और डॉलफिन देखने के लिए प्रसिद्ध है और यहां बोट सफारी के लिए पॉइंट उपलब्ध है। यहां लम्बे समय से रेत के अवैध उत्खनन के मामले भी प्रकाश में आते हैं।
मुख्य सचिव ने अपने निर्देश में यह भी कहा है कि मुरैना कलेक्टर एवं डीएफओ आपस में समन्वय कर चम्बल अभयारण्य में अवैध उत्खनन पर अंकुश लगायें एवं कर्मचारियों पर हो रहे हमलों पर अंकुश भी लगायें। पुलिस मुख्यालय वन अमले को कानूनी संरक्षण देने एसओपी भी जारी करे। निर्देश में कहा गया है कि चम्बल अभयारण्य को एसएएफ की एक बटालियन दी गई है तथा बल की और आवश्यक्ता होने पर अतिरिक्त बल भी उपलब्ध कराया जाये।