देश के नौकरीपेशा वर्ग के लिये जुलाई बड़े बदलाव वाला महीना साबित हो सकता है। क्योंकि नौकरीपेशा लोगों के लिए कई सारी चीजें बदलने वाली हैं। केंद्र सरकार एक जुलाई से नया लेबर कोड लागू करने की तैयारी में है। नए कानून के लागू होने से पीएफ और ग्रेच्युटी जैसे रिटायरमेंट बेनेफिट बढ़ जाएंगे। इसके अलावा साप्ताहिक छुट्टियां भी दो से बढ़कर तीन हो सकती हैं। इस कोड के लागू होने के बाद किसी कंपनी से नौकरी छोड़ने के दो दिनों के अंदर ही पूरा पैसा मिलेगा। फिलहाल फुल एंड फाइनल पेमेंट में 30 से 60 दिनों का वक्त लग जाता है। नये कानून को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के बारे में कहा गया है कंपनी से नौकरी छोड़ने, बर्खास्तगी, छंटनी और इस्तीफा देने के दो दिनों के अंदर कर्मचारियों के पेमेंट भुगतान हो जाना चाहिए। नए लेबर कोड में इन हैंड सैलरी यानि टेक होम सैलरी कम हो जाएगी और काम के घंटे बढ़ जाएंगे। नए लेबर कोड वेज, सोशल सिक्योरिटी , इंडस्ट्रियल रिलेशंस और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी से जुड़े हैं। केंद्र सरकार ने इन चारों कोड का फाइनल ड्राफ्ट फरवरी 2021 में ही तैयार कर लिया था, अभी तक 23 राज्य इन कानूनों के ड्राफ्ट को अपना चुके हैं। केंद्र सरकार चाहती है कि सारे राज्य एक साथ इन चारों बदलावों को लागू कर दें।
काम के 48 घंटे
नए लेबर कोड एक और अहम बदलाव काम के घंटों के लेकर है। सप्ताह में चार दिन काम और तीन छुट्टियों का प्रस्ताव तो है लेकिन हर रोज काम घंटे को बढाने की बात है। अगर नया लेबर कोड लागू होता है तो हर रोज १२ घंटे काम करने होंगे। सरकार का प्रस्ताव है कि सप्ताह में एक कर्मचारी को कम से कम ४८ घंटे । काम करने ही होंगे।
पीएफ ज्यादा कटेगा
इसके अलावा पीएफ में कर्मचारी का योगदान बढ जाएगा, क्योंकि नए प्रस्ताव के मुताबिक बेसिक सैलरी का आधा हिस्सा पीएफ के तौर पर काटा जाएगा। जिससे टेक होम सैलरी कम हो जाएगी। लेकिन रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारी को मोटी रकम मिलेगी, जो कि बुढापे में एक बड़ा सहारा रहेगा। खासकर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए ये फायदेमंद रहने वाला है।