भोपाल: कांग्रेस नेतृत्व को राजस्थान के उदयपुर में संपन्न तीन दिवसीय नव संकल्प चिंतन शिविर में लिए गए निर्णय को लागू कराने की सबसे बड़ी चुनौती होगी. सबसे बड़ी चुनौती सीडब्ल्यूसी, एआईसीसी, पीसीसी और डीसीसी में 50 प्रतिशत युवाओं को एडजेस्ट करने की होगी. क्या कांग्रेस नेतृत्व 60 प्लस आयु के पदाधिकारियों को हटा पाएगा? यह सवाल राजनीतिक पंडितों और नेताओं में यक्ष प्रश्न बना हुआ है.
.jpg)
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ही बात करें तो 80% पदाधिकारी ऐसे है, जिनकी उम्र 60 से 70 प्लस की हो गई है. प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अशोक सिंह की उम्र 60 साल से अधिक हो गई है. इसी प्रकार संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभा शेखर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालेंद्र शुक्ला, प्रताप भानु शर्मा और साजिद अली जैसे पदाधिकारियों की आयु 70 से अधिक बताई जा रही है.
इसी प्रकार सविता दीवान, विजयलक्ष्मी साधौ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, कैलाश मिश्रा, केके मिश्रा, राजा पटैरिया, अजय शाह, अरुणोदय चौबे, नरेश सराफ, राजकुमार पटेल, राजीव सिंह सज्जन वर्मा, एनपी प्रजापति, लखन घनघोरिया और महेंद्र सिंह चौहान जैसे पदाधिकारियों की उम्र 60 साल प्लस की हो गई है.
क्या कांग्रेस नेतृत्व प्रभावशाली उम्र दराज नेताओं को हटाकर युवाओं को प्रदेश पदाधिकारी बना सकेंगे? पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी भी की दखलअंदाजी पीसीसी से समाप्त हो सकेगी. यानी 60 प्लस के आधार पर पीसीसी में छंटनी की जाती है तो 60 से 70% पदाधिकारी बाहर हो जाएंगे.
क्या 5 साल का फार्मूला कमलनाथ पर लागू हो पाएगा?
पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ 25 अप्रैल को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने थे. उनका पंचवर्षीय कार्यकाल 25 अप्रैल 2023 को पूरा हो रहा है. वर्ष 2023 में ही विधानसभा के चुनाव संभावित है. ऐसी स्थिति में पार्टी हाईकमान अपने निर्णय मध्य प्रदेश में लागू करा सकेगी? यानी पार्टी हाईकमान वह पीसीसी अध्यक्ष के रूप में कमलनाथ को हटाने की सबसे बड़ी चुनौती होगी.

कमलनाथ के नेतृत्व में चुनाव हुआ तो फिर 5 साल के कार्यकाल का फार्मूले का क्या होगा? क्या प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन संभावित है. वैसे प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदारों में पिछड़े वर्ग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, आदिवासी युवा विधायक उमंग सिंगार, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नजदीकी रिश्तेदार एवं पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह के नाम प्रमुखता से लिया जा रहे हैं.
क्या परिवारवाद पर लगेगा अंकुश?
उदयपुर नवसंकल्प चिंतन शिविर में परिवारवाद पर अंकुश लगाने के भी संदेश दिए गए. इस मसले पर कांग्रेस के बड़े नेता ही गांधी परिवार पर ही उंगली उठाने लगे हैं. एक वरिष्ठ नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि इसकी शुरुआत गांधी परिवार से ही होना चाहिए. जिस दिन यह निर्णय लिया गया कि परिवार के एक सदस्य को ही टिकट दिया जाएगा, उसी दिन ही उदयपुर में प्रियंका गांधी को राज्यसभा में भेजने की भी चर्चा गर्म रही.
वैसे मध्यप्रदेश के संदर्भ में देखे तो दिग्विजय सिंह का परिवार राजनीतिक रूप से सबसे अधिक पोषित रहा है. उनके भाई लक्ष्मण सिंह विधायक है, बेटा जयवर्धन सिंह और भांजे प्रियव्रत सिंह पूर्व मंत्री रह चुके हैं. ये दोनों वर्तमान में विधायक हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के नकुल नाथ छिंदवाड़ा से लोकसभा सांसद है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक कांतिलाल भूरिया विधायक है तो उनके पुत्र डॉ. विक्रांत भूरिया युवक कांग्रेस के अध्यक्ष है. परिवारवाद के चलते झाबुआ और अलीराजपुर में कांग्रेस बिखर गई.
मिशन-2023 में नेता पुत्रों की टिकट की होगी मारामारी-
नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने चुनाव न लड़ने की भले ही घोषणा कर दी हो किंतु उनके बेटे डॉ. अमित सिंह और भांजे राहुल भदोरिया और भतीजे अनिरुद्ध सिंह टिकट की दावेदारी अभी से जताने लगे हैं. भोपाल के दबंग नेता एवं पूर्व मंत्री आरिफ अकील के यहां तो उत्तर भोपाल से चाचा भतीजे के बीच द्वंद छिड़ा हुआ है. अकील के बेटे आतिफ अकील और भाई आमिर अकील उत्तर भोपाल से दावेदारी कर रहे हैं. इसी प्रकार पूर्व मंत्री डॉक्टर विजय लक्ष्मी साधौ के परिवार में भी टिकट की जंग छिड़ी हुई है.
वे स्वयं तो टिकट मांग ही रही है, उनकी बहन प्रमिला साधौ और भाई देवेंद्र साधौ भी टिकट की जुगाड़ में लगे हैं. पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव के भतीजे संजय यादव ने जौरा विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं. पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के बेटे पवन वर्मा और भाई अर्जुन वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एमपी प्रजापति के बेटे ने प्रजापति, पूर्व मंत्री एवं विधायक कमलेश्वर पटेल के भाई श्रीमन पटेल, पूर्व विधायक राजनारायण पूर्णिया के बेटे उत्तम सिंह, सीपी शेखर के नाती शिवम शेखर भी टिकट की दौड़ में शामिल है.