भोपाल: राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नसरुल्लागंज-रेहटी जिला सीहोर की सीप कोलार परियोजना क्षति के मामले में जल संसाधन विभाग के पांच अफसरों को आरोप-पत्र थमा दिया है तथा उनसे 15 दिन के अंदर जवाब देने के लिये कहा गया है।
इन्हें मिला आरोप-पत्र :
तत्कालीन अधीक्षण यंत्री अमिताभ मिश्रा, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री श्याम प्रकाश चौरसिया, तत्कालीन सहायक यंत्री वीरेन्द्र कुमार जैन, तत्कालीन उपयंत्री राजेन्द्र मोहन सिन्हा तथा तत्कालीन उपयंत्री देवीप्रसाद शुक्ला को आरोप-पत्र दिया गया है। ये पांचों अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
यह है आरोप :
सीप कोलार लिंक परियोजना का कार्य अनुबंध मेसर्स कोस्टल प्रोजेक्ट लिमिटेड हैदराबाद एवं उनकी सबलेटर एजेंसी मायराईड इन्फ्रा. प्रालि नई दिल्ली को आवंटित था। अफसरों को समय-समय पर उक्त योजना के कार्य स्थल का निरीक्षण करना था व अधिनस्थ अधिकारियों पर नियंत्रण रखकर स्वीकत ड्राइंग, डिजाईन व अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार कार्य पूर्ण करवाना था तथा तकनीकी एवं कार्य के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना था, जो नहीं किया गया।
फलस्वरूप सीप कोलार लिंक परियोजना से, सीप नदी का पानी कोलार जलाशय में आना प्रारंभ होने के पूर्व प्रथम वर्षाकाल 2020 में ही यह परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई। क्षतिग्रस्त कार्यों की अनुमानित लागत 2 करोड़ 80 लाख 72 हजार 336 रुपये आंकलित की गई है। साथ ही अनुबंध में रायल्टी वसूली के स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद बिना रायल्टी काटे भुगतान के निर्देश जारी किये गये।