शुक्रवार को भारत सरकार ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने का ऐलान किया है। जिसके बाद आज राज्यसभा में बोलते हुए राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख और चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी ने कहा कि मैं 10 साल तक विपक्ष में रहा हूं, कुछ समय तक सदन के इस तरफ बैठा हूं। चौधरी चरण सिंह के विचार वर्तमान सरकार की कार्यशैली में भी झलकते हैं।
जहां पीएम मोदी गांवों में शौचालयों के मुद्दे को संबोधित करते हैं, वहीं भारत सरकार महिला सशक्तिकरण को अपना मंच बनाती है और गांवों में जागरूकता पैदा करती है। तो इसमें मुझे चौधरी चरण सिंह जी की उक्ति याद आती है।
जयंत ने कहा कि कुछ लोग इस भ्रम में हैं कि चौधरी चरण सिंह केवल जाट या किसान नेता थे। लेकिन ऐसा नहीं है। वह एक विचारक थे। जयंत ने कहा कि अगर हम इसी तरह बंटे रहेंगे तो नेताओं को समझ नहीं पाएंगे।
वहीं चुनाव के समय भारत रत्न सम्मान की घोषणा को लेकर जयंत चौधरी ने कहा, "भारत रत्न जब दिया जाता है तो इसी समय दिया जाता है। क्या इनका दावा और पेशकश ये है कि जिस साल में चुनाव है, उस साल सरकार किसी को भारत रत्न ना दे?
जो लोग समय पर सवाल कर रहे हैं तो यही समय है भारत रत्न देने का। सरकार, कोई राजनीतिक व्यक्ति जब सत्ता में होती है तो किस आधार पर फैसले लेती है? राजनीतिक लाभ कहां मिलेगा। तमाम सरकारें आई और चली गई किसी ने नहीं दिया।"
वहीं NDA में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर RLD प्रमुख जयंत चौधरी ने कहा, “मैंने कल भी बोला था कि जब भारत रत्न दिया गया है तो मेरी भावनाएं अपने आप जुड़ गई हैं...आगे हमारी रणनीति क्या है? कैसे हम चुनाव लड़ेंगे? इनका जवाब समय पर दिया जाएगा।”