इंडियन प्रीमियर लीग सीजन अब अपने रोमांचक मुकाबले के साथ प्ले ऑफ में एंट्री कर रहा है. डिफेंडिंग चैम्पियन गुजरात टाइटंस प्लेऑफ में पहुंचने वाली पहली टीम बनी है. जबकि दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद पहले ही बाहर हो गई है जबकि चेन्नई सुपर किंग्स समेत बाकी 7 टीमें अब भी प्लेऑफ की रेस में बरकरार है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई टीम प्लेऑफ में एंट्री कर पाएगी या नहीं? इस सवाल के गूजने का कारण है कि चेन्नई टीम ने अब तक 13 मैच खेले, जिसमें से 7 जीते हैं, सीएसके टीम के इस समय 15 अंक हैं और वन पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर काबिज है, मगर यहाँ दिक्कत ये है कि चेन्नई टीम को अब अपना आखिरी मैच खेलना है.
यह मुकाबला 20 मई को दिल्ली के खिलाफ होगा. यदि चेन्नई टीम यह मैच हार जाती है, तो वह 15 अंक पर ही ठहर जाएगी। ऐसे में धोनी की टीम की सबसे ज्यादा खतरा लखनऊ सुपरजायंट्स मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा. इसका कारण है कि लखनऊ टीम के 15 और मुंबई के 14 पॉइंट्स हैं, इन दोनों ही टीमों को अब अपना आखिरी मैच अलग-अलग टीमों से खेलना है. इस समीकरण से चेन्नई टीम बाहर हो जाएगी
प्लेऑफ में पहुंचने का समीकरण-
यदि चेन्नई टीम अपना आखिरी मैच हारती है, तो प्लेऑफ में क्वालीफाई कैसे कर पाएगी? इसका सीधा जवाब है कि चेन्नई अपना आखिरी मैच हारकर भी प्लेऑफ में तभी क्वालीफाई कर पाएगी, जब लखनऊ और मुंबई में से कोई एक अपना आखिरी बचा हुआ मैच हार जाए|
यदि दोनों अपना-अपना मैच जीत लेती है, तब नजरे आरसीबी पर रहेगी, यदि बेंगलुरू टीम अपने बाकी बचे 2 में से कोई एक मैच भी हार जाती है, तब चेन्नई प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर जाएगी, लखनऊ को अपना आखिरी मैच कोलकाता नाइट राइडर्स से 20 मई को खेलना है, जबकि मुंबई को अपना आखिरी मैच 21 मई को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलना है|
चेन्नई टीम अपना आखिरी मैच 20 मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेलेगी, साथ ही बेंगलुरू टीम को अपना 13वां मैच हैदराबाद के खिलाफ 18 मई की खेलना है, जबकि आखिरी मैच गुजरात के खिलाफ 21 मई को होगा।
ऐसे में यदि दोनों टीमों अपने-अपने मैच जीत लेती हैं, तो वह चेन्नई से आगे निकल जाएगी और प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर लेगी. इसके बाद सबसे बड़ा खतरा विराट कोहली को बेंगलुरू टीम से रहेगा, जिसके अभी 12 मैचों में 12 पॉइंट्स हैं.
अभी दो मैच खेलना है. यदि ये टीम अपने दोनों मैच जीत लेती है, तो चेन्नई प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी और बेंगलुरु क्वालीफाई कर लेगी. सीधे तौर पर गणित यह है कि यदि चेन्नई टीम अपना आखिरी मैच हारती है, साथ हो लखनऊ, मुंबई और बेंगलुरू टीम अपने बाकी बचे सभी मैच जीत लेती हैं, तो ये तीनों प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर लेंगी, जबकि चेन्नई बाहर हो जाएगी