रिपोर्ट के अनुसार छिंदवाड़ा जिले में पैदा होने वाला पतले छिलके वाला और रसभरा संतरा/ ऑरेंज अब देशभर में सतपुड़ा ऑरेंज के नाम से जाना जाएगा. एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत मध्य प्रदेश गवर्नमेंट ने छिंदवाड़ा संतरे की नए सिरे से ब्रांडिंग का निर्णय किया है. इसके तहत छिंदवाड़ा संतरे का नाम अब सतपुड़ा ऑरेंज होगा. इसी नाम से इसकी ब्रांडिंग प्रमोशन की जाएगी. एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत छिंदवाड़ा संतरे को ये नया नाम दिया गया है.
छिंदवाड़ा. वैसे तो संतरे का नाम आते ही नागपुर शहर का नाम दिमाग में आता है लेकिन आने वाले दिनों में अमूमन ऐसा ना हो.वो इसलिए क्योंकि अब मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा का ऑरेंज भी अपनी अलग आइडेंटिटी बनाने जा रहा है. न केवल छिंदवाड़ा संतरे की ब्रांडिंग अब एक नए नाम के साथ होगी बल्कि इनका बिजनेस भी हाईटेक होगा. दरअसल एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत सरकार ने छिंदवाड़ा संतरे की नए सिरे से ब्रांडिंग का निर्णय किया है. इसके तहत छिंदवाड़ा संतरे का नाम अब सतपुड़ा ऑरेंज होगा. इसी नाम से इसकी ब्रांडिंग की जाएगी. एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत छिंदवाड़ा संतरे को ये ब्रांड नेम दिया गया है.
क्यू आर कोड से होगी पहचान
छिंदवाड़ा संतरे का केवल नाम ही नहीं बदला जा रहा है बल्कि इसके व्यापार को भी हाईटेक किया जा रहा है. सतपुड़ा ऑरेंज नाम से ब्रांडिंग और पैकेजिंग की योजना लोगो और क्यूआर कोड तैयार कराया जा रहा है. कोड को स्कैन करते ही संतरे की कीमत समेत ऑरेंज की पूरी जानकारी आ जाएगी. छिंदवाड़ा ऑरेंज पतले छिलके वाला मीठा और रस से भरा होता है.
कहां कहां होती है छिंदवाड़ा ऑरेंज की पैदावार
मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा जिला महाराष्ट्र के नागपुर से सटा हुआ है. लिहाजा छिंदवाड़ा से संतरे का बड़ा व्यापार नागपुर होता है. छिंदवाड़ा डिस्ट्रिक्ट के पाढुर्ना, सौंसर, बिछुआ विकास खंडों के लगभग 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र के बागीचों में संतरे की प्रोडक्शन की जाती है. एक आंकड़े के अनुसार हर साल तकरीबन साढ़े चार लाख टन संतरा यहां प्रोड्यूस होता है. इसका लगभग 60 से 70 प्रतिशत संतरा नागपुर मंडी जाता है. जिसके बाद बांग्लादेश समेत कई जिलों में भेजा जाता है.
बांग्लादेश होगा सतपुड़ा ऑरेंज का निर्यात
बता दें कि छिंदवाड़ा जिले के तीन से ज्यादा विकास खंडों में पैदा होने वाला यह संतरा इससे पहले नागपुर भेजा जाता था. नागपुर का संतरा भारत के साथ पूरी दुनिया में जाना जाता है. अब छिंदवाड़ा जिले के पाढुर्ना, सौंसर, बिछुआ विकास खंडों में होने वाले इस संतरे को सीधे सतपुड़ा ऑरेंज के नाम से निर्यात किया जाएगा. इस संतरे को क्यूआर कोड के साथ बाजार में उतारा जा रहा है. साथ ही इस संतरे का निर्यात बांग्लादेश में भी किया जाएगा.