प्रदेश में मनाए जा रहे गौरव दिवस की जानकारी और इससे सामाजिक जुड़ाव , विकास के कार्यक्रमों और शहर में हो रहे नवाचार और उपलब्धियों को बताया..!

सीएम ने पीएम से चर्चा के दौरान प्रदेश सरकार के कई कार्याें पर बात की। सीएम ने कहा- मध्यप्रदेश में रोजगार दिवस का आयोजन करते हैं। हर महीने एक दिन रोजगार दिवस होता है। हमारा टारगेट होता है कि कम से कम दो लाख स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं। इसके लिए लोन दिया जाता है। केंद्र और राज्य दोनों मिलकर रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे। इस पर भी बात हुई है। सीएम ने कहा कि गेहूं के निर्यात को लेकर भी चर्चा हुई है। इस बार हम 20 लाख मीट्रिक टन गेहूं और निर्यात करेंगे। 

सीएम शिवराज आदिवासी वर्ग के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को लेकर भी चर्चा की। वहीं, खरगोन में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर, नक्सल समस्या, स्लीपर सेल के आतंकियों की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी पीएम मोदी को दी।

 

रोजगार दिवस अंतर्गत प्रदेश में युवाओं को मिल रहे रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में प्रदेश की प्रगति की जानकारी 

प्रधानमंत्री जी की मंशानुरूप अमृत सरोवरों के निर्माण एवं प्रगति की जानकारी 

प्रदेश की आर्थिक परिदृश्य  की जानकारी एवं आर्थिक प्रबंधन 

प्रदेश की तैयार हो चुकी स्टार्ट अप पॉलिसी की जानकारी और प्रधानमंत्री जी को वर्चुअली शुभारंभ करने का निमंत्रण

प्रदेश के आकांक्षी जिलों में प्रदेश के नवाचार और विभिन्न मानकों की प्रगति पर चर्चा और प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन 

प्रदेश में अडॉप्ट एन आंगनवाड़ी में प्रगति एवं नवाचारो के बारे में 

प्रदेश के वन ग्रामों को राजस्व ग्रामो में बदलने की प्रगति 

सामुदायिक वन प्रबंधन में प्रगति पर चर्चा करेंगे और मार्गदर्शन 

मध्यप्रदेश में केंद्र की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा अंतर्गत स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना, आयुष्मान भारत योजना, मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना की उपलब्धि, क्रियान्वयन पर चर्चा

जल जीवन मिशन में प्रदेश की उपलब्धियों और क्रियान्वयन

मध्यप्रदेश में एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा और प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन 

स्व सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज की उपलब्धि और प्रगति की जानकारी 

प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर , नक्सल समस्या, स्लीपर सेल के आतंकियों की गिरफ्तारी के बारे में 

इथेनॉल पॉलिसी पर प्रदेश की प्रगति पर चर्चा एवं मार्गदर्शन 

सीएम कॉन्क्लेव के बिंदुओं पर मध्यप्रदेश की प्रगति 

सिकल सेल के निराकरण पर प्रदेश के प्रयास 

उपरोक्त बिंदु और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

मध्यप्रदेश में गेहूं निर्यात की उपलब्धि की जानकारी

मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2022-23 में गेहूं निर्यातकों को मंडी शुल्क की प्रतिपूर्ति की योजना लागू गई।

गेहूँ निर्यात को बढ़ावा देने निर्यातकों को मात्र 1000 रुपये में प्रदेश स्तरीय एकल लाइसेंस देने का निर्णय लिया गया।

अभी तक कुल 358 निर्यातकों द्वारा पोर्टल पर पंजीयन किया गया है। 

विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष किये गए गेहूँ के निर्यात में 8-10 गुना वृद्धि देखने को मिल रही है। 

इस वर्ष मध्य प्रदेश से गुजरात, आंध्र प्रदेश एवं महाराष्ट्र की बंदरगाहों से लगे रेलवे रेक पॉइंट्स पर भेजी जा रही गेहूँ की रेक संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है।

विगत 1 माह में मध्य प्रदेश से 87 रेक के माध्यम से लगभग 2.4 लाख टन गेहूँ बंदरगाहों तक भेजा जा चुका है एवं गेहूँ के लिए रेक की डिमांड निरंतर बनी हुई है। 

कृषि निर्यात प्रकोष्ठ में निर्यातकों की सहायता हेतु पासपोर्ट हेल्पलाइन नम्बर 18002333474 जारी किया गया।

11 अप्रैल 2022 को इजिप्ट के प्रतिनिधिमंडल के इंदौर भ्रमण के उपरान्त कृषि निर्यात प्रकोष्ठ के अधिकारी लगातार इजिप्ट के आयातकों के संपर्क में हैं ।

भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वाधान में इजिप्ट राष्ट्र को गेहूँ निर्यात करने के लिए कांडला / मुंद्रा पोर्ट से गेहूँ के जहाजों का फ्लैग ऑफ कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता ह ।

प्रदेश में चल रहे रोजगार दिवस कार्यक्रमों की जानकारी

- शिवराज सरकार युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने पर दे रही है जोर।

- उद्यमी युवाओं को उपलब्ध करा है ऋण सुविधा ।

- मध्यप्रदेश में स्वामी विवेकानंद जयंती 12 जनवरी 2022 से प्रतिमाह किया जा रहा है प्रदेशव्यापी रोजगार दिवसों का आयोजन।

- अब तक (12 जनवरी,25 फरवरी,30 मार्च)  कुल 3 रोजगार दिवस कार्यक्रमों का हुआ है आयोजन।

- इन रोजगार दिवसों में 13.6 लाख से अधिक लोगों को लगभग 7.7 हजार करोड़ की राशि का ऋण वितरण किया गया।

- युवाओं के स्वरोजगार हेतु हाल ही में 5 अप्रैल 2022 को शिवराज सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की शुरुआत की है ।

- जिसके अंतर्गत प्रदेश के 1815 युवाओं को 112 करोड़ के ऋण स्वीकृत किये गए

- रोजगार दिवस में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री निधि 

योजना,मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना, मुख्यमंत्री उद्धव क्रांति योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन जैसी विभिन्न योजनाओं से युवा लाभान्वित हो रहे हैं।

वन ग्रामों का राजस्व ग्रामों में परिवर्तन की जानकारी

राज्य शासन द्वारा वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाये जाने का निर्णय लिया है।

- वन ग्रामों के राजस्व ग्राम बनने से उनमें निवासरत ग्रामीणों को वो सभी लाभ प्राप्त होंगे जो मूल राजस्व ग्रामों के व्यक्तियों को मिलते हैं।

व्यक्तिगत पट्टों से लाभ - 

.- वनग्रामों के राजस्व ग्राम बन जाने से भूमि धारकों को खाता किश्तबंदी, खसरा-नक्शा प्राप्त होंगे जिससे निवासियों के मध्य भूमि को लेकर विवाद नहीं होंगे।

-  व्यवस्थित भू-अभिलेख उपलब्ध होगा जिसकी नकल प्राप्त की जा सकेगी। 

- फौती, नामांतरण, बंटवारा आदि कार्य संपादित किये जा सकेंगे।

- शासकीय योजनाओं यथा- प्रधानमंत्री आवास, खाद, बीज एवं उर्वरक हेतु ऋण इत्यादि का लाभ प्राप्त हो सकेगा। .

समुदाय को मिलने वाले लाभ - 

- सामुदायिक संरचनाओं का निर्माण एवं विस्तार सुविधा से हो सकेगा। 

- ग्रामों की गिरदावरी होने से फसल संबंधी जानकारी का सुव्यवस्थित संधारण हो सकेगा तथा फसल कटाई प्रयोग सम्पन्न हो सकेंगे।

[12:13 PM, 4/23/2022] P7 ashish choubey: अमृत सरोवर योजना का क्रियान्वयन

- प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रत्येक जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवर के निर्माण की बात कही गई है, जिससे एक-एक बूंद पानी का संचय किया जा सके।

- प्रदेश में 52 जिलों में 75 संरचना के हिसाब से कुल 3825 अमृत सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था।

- प्रदेश में अब तक लगभग 2100 करोड़ रुपये की लागत के 5534 अमृत सरोवर स्वीकृत किये जा चुके हैं।

- इस पहल से अब तक प्रदेश में लगभग 500 करोड़ रू. का मजदूरी के रूप में भुगतान किया जा चुका है।

मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की जानकारी

मध्यप्रदेश की तेजी से बढ़ती विकास दर

मध्यप्रदेश वर्ष 21-22 में प्रचलित दरों पर 19.7 % विकास दर हासिल करने में सफल रहा है।

देश की अर्थव्यवस्था में राज्य के योगदान का 3.6 प्रतिशत से बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गया है।

राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1 लाख 24 हज़ार रुपए प्रति वर्ष से भी अधिक हो गयी है । 

राज्य सकल घरेलू उत्पाद वर्ष अब बढ़कर 11 लाख 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है , जो कि प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक है।

वर्ष 2020-21 में पूंजीगत व्यय बढ़कर 31 हजार 586 करोड रुपये और वर्ष 2021-22 में हमारा पूंजीगत व्यय 40 हजार 415 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है , जो कि एक नया कीर्तिमान है।

वर्ष 2022-23 के बजट में सरकार ने पूंजीगत मद में 48 हजार 800 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है , जो कि राज्य के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है।

वर्ष 2007 से वर्ष 2020 तक लगभग 14 सालों में मध्यप्रदेश का कुल निर्यात 2.9 बिलियन डालर से बढ़कर 6.4 बिलियन डालर हो गया है।

निर्यात में वृद्धि उस समय सम्पूर्ण भारत की औसत निर्यात वृद्धि से लगभग 5 गुना है।

मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में स्व सहायता समूहों का योगदान 4 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपए हो गया है।

भारत सरकार की विशेष पूंजीगत सहायता योजना अंतर्गत रू . 6280 करोड़ का ब्याज रहित ऋण प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। ।

मध्यप्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन की जानकारी

- स्टार्ट-अप नीति को और समग्र, समेकित और प्रभावी बनाने के लिए 'एमपी स्टार्ट-अप नीति और कार्यान्वयन योजना-2022' तैयार की गई है। 

- स्टार्ट-अप और इनक्यूबेटर को निवेश सहायता, आयोजन सहायता, उन्नयन सहायता और लीज रेन्टल सहायता यदि का प्रावधान। 

- स्कूल/महाविद्यालयीन स्तर से छात्रों में नवाचार एवं स्टार्टअप की भावना जागृत करने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने का प्रावधान भी नीति में है। 

- प्रदेश में 1,900 से अधिक स्टार्टअप इंडिया से अधिमान्य स्टार्टअप अब तक स्थापित हो चुके हैं।

- प्रदेश में न्यूनतम 1 स्टार्टअप EKI Energy Services को प्रतिष्ठित यूनिकॉर्न स्टार्टअप का दर्जा प्राप्त हुआ।

- प्रदेश में वर्ष 2022 में न्यूनतम 2 स्टार्टअप को यूनिकॉर्न स्टार्टअप का दर्जा प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।

ग्राम/नगर गौरव दिवस का आयोजन की जानकारी

आज तक कि स्थिति

- 404 नगरीय निकायों द्वारा गौरव दिवस का चिन्हांकन पूरा किया गया है। 

- प्रदेश के 48,014 ग्रामों में ग्राम सभाओं के आयोजन उपरांत ग्राम स्तरीय गौरव दिवस की तिथि का निर्धारण किया जा चुका है। 

ग्राम गौरव दिवस के आयोजन के उदाहरण: बकलाय (खरगोन), साजपानी (सिवनी), बिलगाँव (मुरैना), सुमावली (मुरैना), बागसी (भोपाल), उकावदकला (गुना), बड़वारा (कटनी), दुपाड़ा (शाजापुर)। किशनगढ़ (छतरपुर), खुलरी (नरसिंहपुर)। 

नगरिया गौरव दिवस के आयोजन के कुछ उदाहरण: बुधनी, नसरुल्लागंज, गोहद, भावरा, जोबट, खेतिया, सेंधवा, धार, मनावर, पीथमपुर