भोपाल,
हालांकि इस योजना का लाभ उन्हीं श्रमिकों को मिलेगा जो मध्यप्रदेश भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत हैं। ऐसे श्रमिकों के बच्चों को मुख्यमंत्री जनकल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना में निःशुल्क शिक्षा का लाभ दिया जाएगा। इसके तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चे जो उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत है वह निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्टेट स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
काउंसलिंग कराने आयुक्त के नाम ज्ञापन..!
शिक्षक पात्रता परीक्षा उतीर्ण अभ्यर्थियों ने लोक शिक्षण संचालनालय कार्यालय में मंगलवार को आयुक्त के नाम ज्ञापन पत्र सौंपकर स्थाई शिक्षकों के लिए द्वितीय काउंसलिंग कराने की मांग की है। अपने पत्र में अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक भर्ती के लिए द्वितीय काउंसलिंग में पूर्व से चयनित अभ्यर्थियों के नामों की पुनरावृत्ति ना हो। प्रथम चरण में देखा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय विभाग द्वारा एक ही अभ्यर्थी का नाम दोनों वर्गों में एवं दोनों विभागों में सम्मिलित कर दिया गया है, जिससे वेटिंग एवं अन्य पात्र अभ्यर्थियों ने आपति जताई है।
ऑनलाइन उपकर वसूलेगा श्रम विभाग..!
मप्र में श्रम विभाग के अंतर्गत गठित मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल अपने यहां पंजीकृत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिये सभी निर्माण विभागों से उनके अंतर्गत होने वाले निर्माण कार्यों की लागत का एक प्रतिशत उपकर अब ऑनलाइन वसूला जा सकेगा। इस संबंध में श्रम विभाग ने निर्णय ले लिया है तथा इसके लिये सॉफ्टवेयर तैयार कर ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया जायेगा श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मनरेगा के निर्माण कार्यों पर भी उपकर लगेगा, भले ही इसके लिये मनरेगा एक्ट में प्रावधान न हो। यह स्पष्टीकरण श्रम विभाग ने इसलिये जारी किया है क्योंकि पंचायत एवं ग्रामीण विभाग से उसे कोई उपकर नहीं मिल रहा था।