नई दिल्ली: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की पूर्व सीईओ और एमडी चित्रा रामकृष्ण को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी से पहले की जमानत खारिज कर दी थी। सीबीआई इस मामले में आनंद सुब्रमण्यम को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। हिमालय में रहने वाले एक अज्ञात व्यक्ति को एनएसई से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मुहैया कराने के मामले में चित्रा रामकृष्ण जांच के घेरे में आ गई हैं। इस मामले में चित्रा से सीबीआई ने पहले भी मुंबई में पूछताछ की है।

मामले में हाल ही में सेबी की जांच रिपोर्ट आने के बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की है। हिमालय में रहने वाले एक अज्ञात व्यक्ति को एनएसई से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए चित्रा रामकृष्ण से पूछताछ की गई थी। इससे पहले आयकर विभाग ने मुंबई और चेन्नई में चित्रा रामकृष्ण से जुड़ी जगहों पर छापेमारी की थी। सीबीआई इस मामले में चित्रा के कथित सलाहकार और एनएसई समूह के पूर्व संचालन अधिकारी आनंद सुब्रमण्यम को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

सीबीआई के अनुसार, एनएसई में 2010 से 2015 तक पांच साल की अवधि के दौरान कथित अनियमितताएं पाई गईं। रवि नारायण मार्च 2013 तक एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे। उस समय चित्रा कंपनी की डिप्टी सीईओ थीं। चित्रा ने अप्रैल 2016 में रवि नारायण की जगह ली और दिसंबर 2016 तक इस पद पर रहीं।

आख़िर मामला क्या है ?

चित्रा रामकृष्ण, जिन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया है, वह अप्रैल 2013 से दिसंबर 2016 तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थी। इस दौरान सेबी ने चित्रा पर हिमालय में एक व्यक्ति को शेयर बाजार से जुड़ी गोपनीय जानकारी मुहैया कराने का गंभीर आरोप लगाया है। यह भी संदेह है कि चित्रा रामकृष्ण ने हिमालय में एक अज्ञात योगी के कहने पर यह निर्णय लिया था। जानकारी के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति के अनुसार ही कुछ निर्णय लेने का आरोप है। चित्रा पर शेयर बाजार से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां मुहैया कराने का भी आरोप है। इस मामले में चित्रा से पूछताछ की गई थी।लेकिन अब सेबी ने हाल ही में 190 पृष्ठ जारी किए हैं। उसमें चित्रा रामकृष्ण दोषी पाई गई हैं। इस बीच, चित्रा रामकृष्ण पर 3 करोड़ रुपये और आनंद सुब्रमण्यम पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।