भोपाल: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पुनर्घनत्वीकरण योजना में वन विभाग के अंतर्गत शहडोल नगर के गांधी चौक में स्थित वन कार्यालय जिसके परिसर में आवास भी बने हुये हैं, को करीब सात किलोमीटर दूर ग्राम कुदरी में शिफ्ट किया जाना है परन्तु वहां ईसाई कब्रिस्तान होने से मामला खटाई में पड़ गया है।
उल्लेखनीय है कि पुनर्घनत्वीकरण योजना में वन विभाग के स्वामित्व वाली दो परिसम्पत्तियां शामिल की गई थीं जिनमें एक भोपाल नगर के चार इमली स्थित वन परिसर एवं शहडोल के गांधी चौक स्थित वन कार्यालय है। इस योजना को एमपी हाडसिंग बोर्ड क्रियान्वित कर रहा है।
इसमें बोर्ड शहर के अंदर आई सरकारी भूमि को अपने पास लेकर निजी क्षेत्र के सहयोग से उस पर कमर्शियल एवं हाऊसिंग काम्प्लेक्स बनाती है और एवज में बिना कोई राशि लिये दूसरे स्थान पर नया कार्यालय भवन एवं आवासीय परिसर बनाकर देती है। मुख्य सचिव इकबाल सिंह ने भोपाल के चार इमली स्थित वन परिसर के लिये अनुमति नहीं दी है परन्तु शहडोल स्थित परिसम्पत्ति पर कार्यवाही चल रही है।
भोपाल स्थित वन मुख्यालय ने शहडोल वृत्त के सीसीएफ से इस मामले में अभिमत मांगा था जिस पर सीसीएफ ने जवाब दिया है कि ग्राम कुदरी की जिस भूमि को चिन्हित किया गया है उस पर इसाईयों का कब्रिस्तान है तथा छोटे-मोटे झाड़ का जंगल भी है। उन्होंने अपनी आपत्ति के साथ अभिमत वन मुख्यालय को भेज दिया है। अब वन मुख्यालय इस आपत्ति को दूर करने में लगा है।
इधर शहडोल के कलेक्टर कार्यालय ने भी स्थिति स्पष्ट की है कि ग्राम कुदरी की जिस 2.8 हैक्टेयर भूमि को शिफ्टिंग के लिये चिन्हित किया गया है उस पर राजस्व खातों में ईसाई कब्रिस्तान तो लिखा है परन्तु वहां अब शव नहीं गाड़े जा रहे हैं। चूंकि पुनर्घनत्वीकरण योजना राज्य सरकार की एक बड़ी योजना है, इसलिये इस आपत्ति को निरस्त करने की तैयारी चल रही है।