पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को फ्रैंकफर्ट से अपनी वापसी की यात्रा के प्लान को अंतिम समय  में बदल दिया। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि मान नशे की हालत में थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नशे की हालत के कारण ही उन्हें विमान से उतार दिया गया था।

अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने भी लिखा कि मीडिया रिपोर्ट के हवाले से पंजाब के सीएम भगवंत मान पर जर्मनी के फ्रैंकफर्ट हवाईअड्डे पर कथित तौर पर शराब के नशे में विमान से उतारे जाने की खबर शर्मसार करती है। उन्होंने लिखा कि यह पंजाब को पूरी दुनिया में शर्मसार करने जैसा है। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप बाजवा ने भी सोमवार को जालंधर में दावा किया कि भगवंत मान की हालत ऐसी थी कि वह जहाज में बैठने लायक नहीं थे, इसलिए उन्हें नीचे उतार दिया गया और उनका सामान भी जहाज से निकाल दिया गया।

हालाँकि आम आदमी पार्टी ने विपक्ष के इन आरोपों का खंडन किया है और आरोपों को साजिश बताया है। पार्टी के प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने इस मामले पर कहा कि ये सब विरोधियों की ओर से हमारे सीएम को बदनाम करने की साजिश है। पंजाब में सीएम निवेश लाने की कोशिश कर रहे हैं जो विपक्ष को पच नहीं रहा है। 

मामले एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले आई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि कि पंजाब के मुख्यमंत्री 'पूरी तरह से नशे में' विमान में सवार हुए और अपनी पत्नी और सुरक्षा गार्डों की मदद के बिना खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। अब मान को फ्लाइट से डीबोर्ड करने को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें सुनाई दे रही हैं। सूत्रों की मानें तो, "पंजाब के सीएम ने अपने प्रस्थान में देरी की है क्योंकि वह कथित तौर पर अस्वस्थ थे।" 

सरकार के एक सूत्र ने पुष्टि की कि मान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित फ्लाइट में नहीं चढ़े। अधिकारियों की टीम के साथ मान को कैब से फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर पहुंचे थे लेकिन उन्होंने फ्लाइट नहीं पकड़ी। बताया जा रहा है कि इसके बाद भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कथित तौर पर कैब कर्मचारियों को हवाई अड्डे से मुख्यमंत्री को लेने के लिए सूचित किया क्योंकि वह हवाई जहाज में नहीं चढ़े थे।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अक्षय ऊर्जा, कार निर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, उन्नत कृषि प्रथाओं सहित क्षेत्रों में निवेश और रणनीतिक गठजोड़ को आकर्षित करने के लिए 11 सितंबर को अपनी यात्रा शुरू की। उन्होंने बीएमडब्ल्यू जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ बैठकें की थीं और उनका म्यूनिख, फ्रैंकफर्ट और बर्लिन जाने का भी कार्यक्रम था।