भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के 15 लाख 20 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते-चप्पल बॉटल और साड़ियां बांटने की शुरुआत आदिवासी बाहुल्य सिंगरौली से करने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री चौहान 26 जुलाई को सिंगरौली के 1 लाख 13हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते-चप्पल, बॉटल और 1 लाख 44 हजार से अधिक महिलाओं को साड़ियां वितरित करेंगे.

विधानसभा चुनाव आदिवासी मतदाता और महिलाओं को उपकृत करने की मंशा से प्रदेश के 15 लाख 20,000 से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहकों को जूता-चप्पल, बॉटल और 20 लाख 48 हजार से अधिक महिलाओं को साड़ियां वितरित की जा रही है. इन सामग्रियों का वितरण 50 जिले के 60 वन मंडलों में वितरित किया जाना है. 

सबसे कम तेंदूपत्ता संग्राहकों की संख्या उज्जैन में है. लाडली बहना की थीम पर ही साड़ियों का वितरण किया जाएगा. यानि साड़ियां संग्राहक परिवार की प्रत्येक महिलाओं को दिया जाना है. जबकि जूते-चप्पल और बॉटल तेंदूपत्ता संग्रहण कर्ताओं को दिया जाएगा. 

अधिक जानकारी के अनुसार आदिवासी बाहुल्य जिले उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी में सबसे अधिक तेंदूपत्ता संग्राहक लाभार्थी बनेंगे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जानते हैं कि सत्ता पर बरकरार रहने के लिए आदिवासियों के वोट बैंक को बीजेपी के झोली में डालना जरूरी है.

टॉप 10 वन मंडल जहां सबसे अधिक लाभार्थी-

वन मंडल      संग्राहक की संख्या          महिलाएं
सिंगरौली        113006                      144346
सीधी               87479                       107679
उमरिया           83457                       110086
शहडोल (n)     74151                       118616
शहडोल (s)     61451                        80532
मंडला  (e)      59740                        82995
मंडला (w)      56849                        87486
बालाघाट(n)    51366                       67564
सतना             46479                       55291
देवास             44042                       70062

इनका कहना-

पुष्कर सिंह, प्रबंध संचालक लघु वनोपज संघ का कहना है कि 26 जुलाई से 15 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों और उनके परिवार की महिलाओं को जूते चप्पल बॉटल और साड़ियां वितरित की जाएंगी. गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया है, इसीलिए वितरण करने से पहले सभी वस्तुओं की गुणवत्ता की जांच दो-दो बार करवाई जा रही है.