प्रख्यात सिंगर शारदा राजन अयंगर निधन पर मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने दु:ख व्यक्त किया है। 

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शारदा जी ने अपनी संगीत साधना और गायन की विशिष्ट शैली से गीत संगीत प्रेमियों को आनंदित किया। चार-पांच दशक पहले गाए गए उनके गीत आज भी सुने और गुनगुनाए जाते हैं। तितली उड़ी उड़ जो चली..., चले जाना जरा ठहरो..., वो परी कहां से लाऊं..., जब भी ये दिल उदास होता है... जैसे गीतों से वे सदैव याद की जाएंगी।

शारदा राजन अयंगर का बुधवार को 85 साल की उम्र में निधन हो गया था। शारदा ने 1960 में फिल्म सूरज में पार्श्व गायन की शुरुआत की। उन्होंने हिंदी के अलावा तेलुगु, मराठी, गुजराती में गाने गाए हैं।  उन्होंने गुमनाम (1965), सपनों का सौदागर (1968) और अन्य कई फिल्मों में अपनी गायन प्रतिभा का योगदान दिया। इसके अलावा, उन्होंने गरीबी हटाओ (1973), मंदिर मस्जिद, (1977) और मैला आंचल (1981) जैसी फिल्मों के लिए भी संगीत दिया। जहां प्यार मिले (1969) के कैबरे बात जरा है आप की के लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता।

उन्होंने रफ़ी, आशा भोसले, किशोर कुमार, यसुदास, मुकेश और सुमन कल्याणपुर सहित कई प्रसिद्ध कलाकारों के साथ प्रदर्शन किया। वैजयंतीमाला, सायरा बानो, हेमा मालिनी, शर्मिला टैगोर, मुमताज, रेखा और हेलेन जैसी एक्ट्रेस को अपनी आवाज़ दी। उन्होंने शंकर के अलावा उषा खन्ना, रवि, दत्ताराम और कुछ अन्य लोगों के साथ कुछ ट्रैक पर सहयोग किया। वह भारत की पहली महिला गायिका थीं, जिन्होंने वहां अपना खुद का पॉप एल्बम, सिज़लर्स रिकॉर्ड किया, जो 1971 में रिलीज़ हुआ था।