मुख्यमंत्री शिवराज ने निवास पर आज World Water Day के अवसर पर आयोजित बैठक में प्रदेश में पानी बचाने के लिए आगामी समय में चलाई जाने वाली गतिविधियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

इस दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि, प्रदेश में जलाभिषेक अभियान भी लगातार चल रहा था, लेकिन कोविड-19 कारण यह लंबित रहा। जल की उपयोगिता हम सब जानते हैं। हैंडपंप के स्थान पर हर घर को नल से जल मिल सके , इसके लिए प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य जारी है। 

उन्होंने कहा, प्रदेश में सिंचाई का रकबा 43 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है। लेकिन इस सब के लिए पानी चाहिए । वर्षा जल को, हम कैसे सुरक्षित कर पाए ,इसके लिए हमें हर संभव उपाय करना होंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज ने  ट्वीट कर लिखा, ‘अप्सु अंत: अमृतं, अप्सु भेषजं’ जल से जीवन है, जल ही अमृत, यही सृष्टि का आधार भी। हमारे यहां नदियों को मां और जलस्रोतों को जीवनदायी कहा गया है। आइये, World Water Day पर जल संरक्षण व जलस्रोतों के संवर्धन और भावी पीढ़ियों को श्रेष्ठतम जलस्रोत हस्तांतरित करने का संकल्प लें।

सीएम शिवराज ने एक अख़बार के आर्टिकल को ट्वीट कर लिखा,  इंदौर आने पर मेरा मन पवित्र हो जाता है, मैं भी इंदौरी।

इस दौरान सीएम शिवराज ने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि,  उत्साह, उल्लास के पर्व रंगपंचमी की आपको हार्दिक शुभकामनाएं! रंगों का यह पावन पर्व आपके जीवन में खुशहाली, मंगल एवं आनंद के नव दीप देदीप्यमान करे। उड़े गुलाल, हर मन हर्षाए। हर घर-आंगन में सुख, समृद्धि, ऋद्धि-सिद्धि आये, मिटे बैर, बढ़े स्नेह; यही कामना।